नेता ऊना/सुशील पंडित। कांग्रेस नेताओं की ओर से भाजपा पर वोट चोरी के आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को हिमाचल प्रदेश की जनता से किए गए चुनावी वादों का हिसाब देने की नसीहत दी है। पूर्व विधायकों बलबीर चौधरी, देवेंद्र कुमार भुट्टो, चैतन्य शर्मा, राजेश ठाकुर और प्रो. रामकुमार ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करके सत्ता हासिल की, लेकिन अब उन वादों को पूरा करने के बजाय भाजपा पर आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और राजस्थान के सांसद हरिश्चंद्र मीणा को भाजपा पर आरोप लगाने से पहले अपनी सरकार के कामकाज की समीक्षा करनी चाहिए।
कांग्रेस ने चुनाव के दौरान युवाओं को पांच लाख नौकरियां देने, महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने और किसानों से गोबर खरीदने जैसे वादे किए थे। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अपने कार्यकाल के बावजूद इन वादों को पूरी तरह धरातल पर उतारने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा करके उसे सत्ता सौंपी थी, लेकिन अब सरकार को अपने वादों पर जवाब देना चाहिए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विभिन्न योजनाओं के नाम पर लोगों से फॉर्म भरवाए गए और जनता को उम्मीदें दिखाई गईं, लेकिन वादों के अनुरूप परिणाम सामने नहीं आए। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को जनता का समर्थन उनकी नीतियों, विकास कार्यों और नेतृत्व के आधार पर मिलता है।
कांग्रेस को चाहिए कि वह आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने के बजाय जनता के सामने अपने कामकाज और उपलब्धियों का स्पष्ट ब्यौरा रखे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया और जनादेश पर सवाल उठाने से पहले राजनीतिक दलों को तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह प्रदेश की जनता से किए गए वादों पर स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि युवाओं, महिलाओं तथा किसानों के हित में किए गए वादों को पूरा करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता हर राजनीतिक दल के कामकाज का मूल्यांकन करती है। कांग्रेस को भाजपा पर आरोप लगाने के बजाय जनता के प्रति अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।