ऊना/सुशील पंडित। भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता विनय शर्मा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक सतपाल रायजादा को भाजपा के वरिष्ठ नेता, ऊना सदर के विधायक एवं पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती जी के ऑपरेशन को लेकर कथित तौर पर उपहास करते हुए देखा जा रहा है। विनय शर्मा ने कहा कि राजनीति में विरोध हो सकता है, वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की बीमारी और उसके ऑपरेशन का मजाक उड़ाना किसी भी सभ्य समाज की मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
राजनीति में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी के स्वास्थ्य और शारीरिक परेशानी को निशाना बनाना न तो राजनीतिक परिपक्वता है और न ही मानवीय संवेदनशीलता। उन्होंने कहा कि सतपाल सिंह सत्ती केवल भाजपा के वरिष्ठ नेता ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक अनुभवी जनप्रतिनिधि हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर इस प्रकार की टिप्पणी, यदि वीडियो में दिखाई दे रही बातों के अनुरूप है, तो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी की बीमारी पर व्यंग्य करने से राजनीतिक कद ऊंचा नहीं होता। विनय शर्मा ने कहा कि सतपाल रायजादा जी को यह भी याद रखना चाहिए कि राजनीति से ऊपर इंसानियत होती है। जब वह स्वयं अस्वस्थ थे, तब भाजपा के नेताओं ने राजनीतिक विरोध को किनारे रखकर उनके स्वास्थ्य की चिंता की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा के नेता विरोधी दल के नेता की बीमारी में उनके साथ खड़े हो सकते हैं, तो फिर भाजपा के किसी नेता के ऑपरेशन पर उपहास करने की क्या आवश्यकता थी? क्या राजनीतिक विरोध इतना बढ़ गया है कि इंसान की पीड़ा भी मजाक का विषय बन जाए? विनय शर्मा ने कहा कि करवा चौथ पर सखी मिलन समारोह आयोजित करना और महिलाओं के सम्मान की बातें करना अच्छी बात है, लेकिन महिलाओं के सम्मान के साथ-साथ उन परिवारों के दर्द और आंसुओं के प्रति भी संवेदनशील होना जरूरी है, जिन्होंने हिंसा में अपने प्रियजनों को खोया है।
ऊना में गोलीबारी और एक कार्यकर्ता की मौत से जुड़े घटनाक्रम पर भी गंभीर सवाल उठे थे। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना, न्याय और जिम्मेदारी सर्वोपरि होनी चाहिए। किसी भी परिवार का दुख राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं, बल्कि मानवीय चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एक नेता की असली पहचान इस बात से होती है कि वह अपने विरोधियों के साथ कठिन समय में कैसा व्यवहार करता है। विनय शर्मा ने सतपाल रायजादा से अपील की कि वह अपने कथित बयान पर आत्ममंथन करें और यदि वीडियो में दिखाई दे रही टिप्पणी उनके द्वारा की गई है, तो सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगें। यह कमजोरी नहीं, बल्कि राजनीतिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय होगा। उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा राजनीतिक मुद्दों पर कांग्रेस से लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करती रहेगी, लेकिन बीमारी, परिवार और व्यक्तिगत पीड़ा का मजाक उड़ाने वाली राजनीति को कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता। राजनीति में प्रतिद्वंद्वी बदले जा सकते हैं, विचार बदल सकते हैं, लेकिन इंसानियत और संवेदनाएं कभी नहीं खोनी चाहिए।