पेंशनरों और कर्मचारियों के बकाया वित्तीय लाभ जारी करने की मांग, संघर्ष की चेतावनी
ऊना/सुशील पंडित। प्रदेश सरकार की ओर से पेंशनरों और कर्मचारियों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्त देने की घोषणा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। यह बात भाजपा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक कुलदीप दयाल, ऊना मंडल संयोजक राजीव वशिष्ट, पूर्व कर्मचारी नेता यशपाल रायजादा, किशन चंद ठाकुर, प्रकाश ठाकुर, हरगोविंद, अजय पराशर, शिव मैहन, ठाकुर हरदीप और भूपिंद्र शर्मा आदि ने कही। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2024 से देय चार प्रतिशत महंगाई राहत और एक प्रतिशत की पिछली बकाया किस्त का भुगतान अभी लंबित है।
सरकार ने महंगाई राहत के एरियर को लेकर अधिसूचना जारी नहीं की है, जिससे पेंशनरों और कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने मांग की कि कुल 10 प्रतिशत बकाया महंगाई राहत का भुगतान एरियर सहित करने के लिए जल्द अधिसूचना जारी की जाए। उन्होंने बोर्डों, निगमों और कारपोरेट क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इसी महीने से महंगाई राहत देने की मांग उठाई। इसके अलावा पेंशनरों के वेतन एरियर तथा एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संशोधित ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और लीव एनकैशमेंट का भुगतान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पिछली तीन प्रतिशत महंगाई राहत की किस्त और छठे वेतन आयोग की 50 हजार रुपये की किस्त भी नहीं मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द वित्तीय लाभ जारी नहीं किए तो पेंशनरों और कर्मचारियों के हित में आंदोलन किया जाएगा।