चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज अधिकारों की चर्चा तो बहुत होती है, लेकिन कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर अपेक्षाकृत कम चर्चा होती है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हमारे अधिकार क्या हैं, हमारा दायित्व क्या है और एक नागरिक के रूप में हमारी जिम्मेदारी क्या है। उन्होंने कहा कि ‘हम भारत के लोग, हमारा दायित्व’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विचार-विमर्श के लिए एकत्र होना अपने आप में एक सार्थक पहल है। ऐसे आयोजनों में होने वाली चर्चा से निकलने वाले विचारों का लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिलता है और उन्हें देश व राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने की दिशा मिलती है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को चंडीगढ़ में पंचनद शोध संस्थान द्वारा आयोजित 33वां वार्षिक व्याख्यान पूर्व-लोकमंथन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय ‘हम भारत के लोग, हमारा दायित्व’ था। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पंचनद शोध संस्थान को 11 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान में मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया गया था, लेकिन लंबे समय तक अधिकारों पर अधिक और कर्तव्यों पर कम चर्चा होती रही। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा रखे जाने वाले विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकाश स्तंभ की तरह काम करेंगे और देशवासियों को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का मार्ग दिखाएंगे।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 51A में नागरिकों के मूल कर्तव्यों का उल्लेख है। इसमें संविधान और उसके आदर्शों का सम्मान, स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों को संजोना, देश की एकता और अखंडता की रक्षा करना, सामाजिक सद्भाव को बढ़ाना, महिलाओं की गरिमा का सम्मान करना, हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति की रक्षा करना शामिल हैं। ये बातें हमारे समाज को जोड़ने और देश को आगे ले जाने के जीवन-मूल्य हैं।