चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन SING (Singapore India Network for Growth) फोरम के तहत आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में सिंगापुर के विशिष्ट उद्योगपति, विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य प्रतिनिधि तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य भविष्य में हरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों को बढ़ावा देना तथा हरियाणा व सिंगापुर के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करना था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा को केवल औद्योगिक शक्ति ही नहीं, बल्कि भारत की इनोवेशन कैपिटल के रूप में स्थापित करना भी उनका लक्ष्य है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह मंच केवल निवेश या व्यवसाय की चर्चा का मंच नहीं है। यह दो देशों और दो अर्थव्यवस्थाओं के बीच विश्वास, मित्रता और सहयोग को और मजबूत करने का मंच है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्किल्स के क्षेत्र में हाल की साझेदारी का विशेष उल्लेख किया। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की है। इसके माध्यम से विश्व स्तरीय के-12 शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और लगभग दो हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा करने की योजना है। यह केवल निवेश नहीं, बल्कि सिंगापुर की विशेषज्ञता और हरियाणा की आकांक्षाओं के मिलन का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करते हुए कहा कि हरियाणा, गुरुग्राम, मानेसर, औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को देखें और बताएं कि आप यहां क्या बनाना चाहते हैं। हम आपके साथ मिलकर उसे बनाएंगे। सरकार और उद्योग के बीच संबंध केवल अनुमोदन देने-लेने तक सीमित नहीं होना चाहिए, यह साझेदारी होनी चाहिए।
