रंकाः झारखंड में हथियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिमी सिंहभूम में तीन दिन पहले ही एक हथिनी की मौत हुई थी, जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। जगन्नाथ पुर के भनगांव में वह हथिनी एक माह बाद एक नर बच्चे को जन्म देने वाली थी। इसी बीच रंका थाना क्षेत्र के विश्रामपुर गांव के पिपरादादर टोला में जंगल से सटे इलाके में रविवार देर रात एक जंगली हाथी की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई।
विश्रामपुर के जंगल में हाथी का शव मिलने की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी की मौत के स्पष्ट कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
इस बाबत गढ़वा दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी एबिन बेनी अब्राहम ने जानकारी देते बताया कि विभाग को सोमवार की सुबह करीब आठ बजे विश्रामपुर गांव के पिपरादादर टोले में जंगल के किनारे एक जंगली हाथी के मृत होने की सूचना प्राप्त हुई थी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत के कारणों के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हाथी की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
घटनास्थल पर वन विभाग के अधिकारी ललन कुमार सहित अन्य कर्मी भी पहुंच चुके हैं। विभाग की टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है, साथ ही आसपास के क्षेत्र से भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि यह पता चल सके कि हाथी की मौत किन परिस्थितियों में हुई। वन विभाग द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
