ऊना: बीमार जसवंत को समाजसेवी और भाजपा नेता पुनीत मोदगिल अर्मेनिया से कुठारबीत लेकर उनके गाँव पहुंचे। कुठारबीत पहुंचने पर न केवल ग्रामीणों ने बल्कि हरोली विधानसभा के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पुनीत मोदगिल का जोरदार स्वागत किया। मां के चेहरे पर बीमार बेटे को सुरक्षित सामने देखने की प्रसन्नता थी।
पुनीत ने मोदी सरकार की भूमिका को सराहा
पुनीत मोदगिल ने बताया कि एक महीने पहले जसवंत की मां तथा ग्रामीण उनसे मिले थे जिसके बाद उन्होंने तुरंत विदेश मंत्री एस जयशंकर से विषय को उठाया और उनकी जसवंत की मां से बात भी करवाई । उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री के निर्देश पर अर्मेनिया में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने जसवंत की कंपनी से उसका पूरा ब्यौरा लिया, वहां जसवंत की हालात बेहद खराब थी । पुनीत मोदगिल ने बताया कि वो 17 अक्तूबर को जसवंत को लेने अर्मेनिया गए थे और चार दिन के बाद उसे साथ लेकर कुठारबीत पहुंचे। उन्होंने बताया कि वहां स्थिति देखने के बाद और मेडिकल राय लेने के बाद उन्होंने भारत वापिस लाकर उसका इलाज करवाने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि पहले वो सीधे दिल्ली एम्स जसवंत को ले जाना चाहते थे लेकिन कुछ समय मां और परिवार के बीच बिताकर पहले से बेहतर महसूस करने के उद्देश्य से वो उसे सीधे उसके घर लेकर आए। पुनीत मोदगिल ने कहा कि अब वो जसवंत के बेहतर इलाज के लिए एम्स जैसे मेडिकल संस्थान में उसका चेकअप कराएंगे लेकिन साथ ही उन्होंने स्थानीय शासन प्रशासन और अन्य सामर्थ्यवान लोगों से भी जसवंत की सहायता करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक मानवीय कार्य है और इसे उन्होंने अपनी आत्मिक संतुष्टि के लिए किया है।
