शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार सायंकाल चंबा जिला के भरमौर विधानसभा क्षेत्र की मैहला ग्राम पंचायत के दूरदराज गांव मेहला में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। गांव में रात्रि ठहराव के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना तथा अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
पारंपरिक वेशभूषा में सजे स्थानीय निवासियों ने पारंपरिक पहाड़ी लोकधुनों के बीच मैहला ग्राम पंचायत पहुंचने पर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्रामीणों के लिए यह एक अवस्मरणीय लम्हा था, क्योंकि पहली बार प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री इस सुदूर क्षेत्र में रात्रि ठहराव के लिए पहुंचे थे।
ग्रामीणों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम के गांवों में प्रवास के दौरान यहां रात्रि ठहराव करने का उद्देश्य स्थानीय लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों को करीब से जानना है और उनकी समस्याओं और चिंताओं का निवारण सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहला ग्राम पंचायत के 172 परिवारों को ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत चिन्हित किया गया है। अगले महीने प्रदेश में इस योजना का शुभारम्भ किया जाएगा। योजना के तहत 21 से 59 आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए कार्य कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने के राजस्व में अतिरिक्त वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों के सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करना पड़ा था। इन घटनाओं के कारण मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसरों से वंचित होना पड़ा था।
