तीन मेधावी छात्र-छात्राओं का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन
ऊना: शिक्षा विभाग की ओर से हाल ही में आयोजित चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में स्कॉलर्स यूनिफाइड स्कूल, ऊना के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और शैक्षणिक दक्षता का शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया है। विभिन्न श्रेणियों में आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यालय के तीन मेधावी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट स्थान हासिल कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की है। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय में खुशी का माहौल है।
गणित विषय में विद्यार्थियों की प्रतिभा को परखने के उद्देश्य से आयोजित गणित ओलंपियाड की सीनियर कैटेगरी में विद्यालय की दसवीं कक्षा की छात्रा वृंदा शर्मा ने दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं, जूनियर कैटेगरी में छठी कक्षा के आरव कौशिक ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया। दोनों विद्यार्थियों ने अपनी विषय पर पकड़, तार्किक क्षमता और गणितीय कौशल का परिचय देते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित होने का गौरव हासिल किया।
इसी प्रकार चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस के तहत आयोजित सीनियर सेकेंडरी स्तर की साइंटिफिक एक्टिविटी प्रतियोगिता में विद्यालय की प्लस वन की छात्रा श्रेया धीमान ने तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उनका चयन भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। तीनों विद्यार्थियों ने अलग-अलग श्रेणियों में अपनी प्रतिभा साबित करते हुए विद्यालय को गौरवान्वित किया है। विद्यालय के प्रबंध निदेशक धीरज शर्मा ने तीनों मेधावी विद्यार्थियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि विद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने तीनों विद्यार्थियों को आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे वहां भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय और जिला ऊना का नाम रोशन करेंगे। धीरज शर्मा ने विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर कोई न कोई विशेष क्षमता और प्रतिभा छिपी होती है। जरूरत इस बात की है कि विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता को पहचानें तथा अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं। केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय विज्ञान, गणित, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि सही लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने वाले विद्यार्थी जीवन में निश्चित रूप से सफलता हासिल कर सकते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने भी विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत को इस सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
