चण्डीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसी योजना की शुरुआत की, जिसने देश के किसान और सरकार के बीच के रिश्ते को नई परिभाषा दी। वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना थी जिससे पहले दिन ही देशव्यापी स्तर पर पहली बार किसान के खाते में सीधे सम्मान राशि पहुँचने की व्यवस्था शुरू हुई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को भिवानी से प्रदेश के किसानों को 24वीं किस्त जारी करने पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, सांसद धर्मबीर सिंह, भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, बुवानीखेड़ा के विधायक कपूर वाल्मिकी, बाढड़ा के विधायक उमेद पातुवास, महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 86 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे और सीमांत हैं। छोटे किसानों को बुवाई के समय बीज, खाद और जुताई के लिए धन की आवश्यकता होती थी। मजबूरी में उन्हें ऊँचे ब्याज पर साहूकार से कर्ज लेना पड़ता था, और फसल आने से पहले ही उसकी अधिकांश कमाई का बड़ा हिस्सा कर्ज की भेंट चढ़ जाता था।
उन्होंने कहा कि भिवानी के किसानों ने पानी का मोल भली भांति पहचाना है। इसीलिए पी.एम. कुसुम योजना के तहत 75 प्रतिशत अनुदान पर 1 लाख 95 हजार 653 सोलर पंप लगाए गए हैं और खेतों को सूरज की ऊर्जा से सींच रहे हैं। स्वच्छ हवा के लिए किसानों ने पराली प्रबंधन में भी आगे बढ़कर सहयोग किया है। किसानों को 1 लाख 11 हजार के उपकरण और 6 हजार 794 कस्टम हायरिंग सेंटर पर 1 हजार 17 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है, और 10 लाख किसानों को 909 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती हमारी परम्परा रही है। इसमें गौवंश का विशेष योगदान रहा है। इसलिए हमें किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर बढना चाहिए। इसके लिए पहले पशुओं के लिए उगाने वाले चारे में खाद का उपयोग बंद कर इसे प्राकृतिक खेती से उगाए। इसे पशुओं का दूध शुद्ध एवं स्वादिष्ट रहेगा।
