चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पदक कुछ क्षणों में खिलाड़ी के गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है। इन पदकों के पीछे वर्षों का अभ्यास, अनगिनत त्याग और हार के बाद फिर उठ खड़े होने का हौसला है। भिवानी की धरती पर आज गूंज रही तालियां सिर्फ पदकों के लिए नहीं, बल्कि उन अनगिनत वर्षों की तपस्या, त्याग और उस अटूट संकल्प के लिए भी हैं, जिसने भारत का तिरंगा एशिया के खेल मैदानों में ऊंचा किया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को भिवानी के भीम स्टेडियम में आयोजित एशियाई खेलों एवं पैरा एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों के संयुक्त सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने भिवानी के विकास को गति देने के लिए 142 करोड़ रुपये की लागत की 8 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। इनमें 133 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत के 6 उद्घाटन तथा 8 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 2 शिलान्यास शामिल हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज इन सितारों के बीच आकर उनका मन गर्व से भर गया है। उन्होंने देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, गुरुजनों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ के त्याग एवं समर्पण का भी सम्मान है।
श्रुति चौधरी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि भीम स्टेडियम का और विस्तार किया जाए तथा यहां खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि यहां के खिलाड़ी पहले ही अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं और अब वे दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल नर्सरियों के माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ रही है, वहीं केंद्र सरकार की टॉप्स योजना और खेलो इंडिया जैसी पहल भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर दे रही हैं। खेल राज्य मंत्री ने मुख्यमंत्री से भिवानी के भीम स्टेडियम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भिवानी की धरती ने नीतू, साक्षी, अखिल और विजेंद्र जैसे खिलाड़ी देश को दिए हैं, जिन्होंने दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है।
