शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल सरकार ने शिमला के प्रतिष्ठित वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के संचालन एवं प्रबंधन के लिए लाइसेंस अधिकार प्रदान करने की प्रतिस्पर्धात्मक ई-नीलामी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस नीलामी में वार्षिक सकल राजस्व का 47.1 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार को देने की रिकॉर्ड बोली प्राप्त हुई है। इसे इस प्रकार के लेन-देन में भारत में अब तक की सबसे अधिक राजस्व हिस्सेदारी वाली बोली बताया गया है।
ई-नीलामी की सफलता प्रदेश सरकार द्वारा बहुमूल्य सार्वजनिक संपत्तियों के बेहतर उपयोग और व्यावसायिक प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस व्यवस्था से प्रदेश के राजकोष को नियमित रूप से पर्याप्त राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। 35 वर्षों की लाइसेंस अवधि के दौरान प्रदेश को प्रतिमाह लगभग 3 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है, जिसमें प्रतिवर्ष 3 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इस अवधि में कुल लगभग 2,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से संपन्न हुई यह नीलामी इस प्रतिष्ठित संपत्ति की आर्थिक क्षमता का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके तहत होटल और उससे संबंधित मूल परिसंपत्तियों का पूर्ण स्वामित्व प्रदेश सरकार के पास ही रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल को प्रदेश सरकार के नियंत्रण में वापिस लाना, रिकॉर्ड राजस्व हिस्सेदारी की बोली प्राप्त करना और दीर्घकालिक वित्तीय लाभ सुनिश्चित करना सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है।
