जालंधर, ENS: मकसूदा थाना क्षेत्र के अड्डा नूरपुर में खाकी वर्दी का झांसा देकर एक मजदूर को ठगने का मामला सामने आया है। खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने मजदूर पर नशे का कारोबार करने का झूठा आरोप लगाया और डरा-धमकाकर उससे 3200 रुपए की नकदी छीन ली। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। दूसरी ओर इस मामले को लेकर एसएचओ बलबीर सिंह ने फर्जी बताया है।
पीड़ित राम ज्ञान मूल रूप से गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है और यहां नूरपुर में कबाड़ी का काम करता है। ज्ञान मूल का कहना है कि वह रोड पार करके एक जगह खड़ा था। तभी खाकी पेंट, बिना शर्ट, दाढ़ी और पगड़ी पहने एक व्यक्ति उसके पास आया। उसने खुद को सीआई इंस्पेक्टर बताया और तलाशी लेने के नाम पर मजदूर को डराना शुरू कर दिया।
नकली पुलिस वाले ने मजदूर पर नशे का धंधा करने का आरोप लगाया। जब मजदूर ने अपनी बेगुनाही का सबूत देने के लिए जेब से अपनी जमा पूंजी के 3200 रुपए निकालकर दिखाए, तो आरोपी ने तुरंत वे पैसे अपने हाथ में ले लिए। इसके बाद आरोपी ने चालाकी दिखाते हुए मजदूर से कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को बुलाकर लाए जो उसे जानता हो। मजदूर ने अपनी साइकिल वहीं छोड़ी और पास की दुकान वाले ‘चमका जी’ को बुलाने चला गया। जब वह वापस लौटा, तो आरोपी रुपए लेकर वहां से गायब हो चुका था।
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित मजदूर ने तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 कंट्रोल रूम की टीम और मकसूदां थाने के एसएचओ बलवीर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। इस मामले में मकसूदां थाने के एसएचओ बलवीर सिंह का कहना है कि अभी तक के छानबीन में किसी फर्जी पुलिस वाले के पहचान नहीं हो पाई है।
