नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दे दिया है। उनका कहना है कि वो ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान शुरु करेंगे। इससे पहले ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान यह कहा था कि हम एक छोटा एपिक फ्यूरी प्लान कर सकते हैं। एपिक फ्यूरी वो नाम है जो अमेरिका की सेना ने ईरान के खिलाफ अपने युद्ध को दिया है। इसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी। रिपोर्ट्स की मानें तो ईरान सुरक्षा अधिकारियों ने खुद इस बारे में जरुरी जानकारी दी थी। उनका कहना है कि यदि अमेरिका और इजरायल मिलकर हमला करेंगे तो समुद्र के नीचे बिछी हुई इंटरनेट केबल बर्बाद कर दी जाएगी। इसके लिए ईरान ने अब पूरी तैयारी कर ली है। य़े स्थिति उस समय में पैदा हुई है जब ये ही पता नहीं है कि वॉर कितने दिन तक चलेगी।
जल्द खत्म करेगा अमेरिका युद्ध
ट्रंप ने यह कह दिया है कि अमेरिका अब इस युद्ध को जल्द ही खत्म कर देगा। व्हाइट हाउस में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि – हम बहुत जल्दी युद्ध खत्म कर सकते हैं। सवाल यहां पर यह है कि क्या हम इसे अभी खत्म करना चाहते हैं या इसे अपने आप को कमजोर होने देना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कह डाला है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल का आना जाना जारी है। यह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए एक जरुरी समुद्री रास्ता है।
ट्रंप का यह कहना है कि हमें जो कुछ भी चाहिए वो मिल रहा है। ट्रंप ने इस संघर्ष को लेकर अलग-अलग लक्ष्य और समय-सीमा भी बताई है। इस महीने की शुरुआत में उन्होंने यह कहा था कि अमेरिका अब अगले महीने वाले मिडटर्म इलेक्शन से पहले ईरान पर अब कोई भी हमला नहीं करेगा। इन चुनावों में कांग्रेस पर कंट्रोल का दावा भी लगा है।
चुनावों के बाद बढ़ेगा युद्ध
रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने मिडटर्म चुनावों के बाद फिर से हमला करने का प्लान बनाया है। अमेरिका के अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट में यह बोला गया है कि संभावित लक्ष्यों में ईरान का एनर्जी बुनियादी ढांचा, परमाणु सुविधाएं और मिसाइल व ड्रोन भंडार शामिल हो सकते हैं। कई देशों के विदेश मंत्रियों ने शुक्रवार को यह चेतावनी भी दी है कि ईरान के खिलाफ एक और सैन्य हमला संघर्ष को और बढ़ा देगा। इसके गंभीर आर्थिक परिणाम भी हो सकते हैं। यह बयान इस्तानबुल में हुई बैठक के बाद आया है। इसमें ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, तुर्की, पाकिस्तान, मिस्न, सऊदी अरब और इटली के प्रतिनिधियों ने भाग भी लिया था।