जालंधरः महानगर के रावली में पटाखा मार्केट लगाने पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। ग्राम पंचायत की पिटीशन पर सिविल जज ने ऑर्डर पास किया। गांव वालों ने सिक्योरिटी ग्राउंड्स पर इसका विरोध किया था। जिसके बाद ये कोर्ट ये फैसला सुनाया है।
पिटीशन में कहा गया कि रावली गांव को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाली सड़क सिर्फ 10 फीट चौड़ी है। इसके अलावा, जिस ज़मीन पर पटाखा मार्केट लगना है, वह करीब साढ़े पांच एकड़ है और पास में फैक्ट्रियां, रहने की जगहें, फैक्ट्रियों में काम करने वाले वर्कर्स के घर और पेट्रोल पंप हैं। पंचायत ने आशंका जताई कि इस जगह पर पटाखा मार्केट लगने से आग लगने, धमाका होने और जान-माल के नुकसान का खतरा हो सकता है।
पंचायत के मुताबिक, इस मामले को लेकर 10 अक्टूबर को गांव में एक जनरल मीटिंग भी बुलाई गई थी, जिसमें करीब 300 गांववालों ने साइन करके पटाखा मार्केट का विरोध किया था। इस बारे में डिप्टी कमिश्नर-कम-मजिस्ट्रेट जालंधर को भी कंप्लेंट दी गई थी।
कोर्ट ने जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स, फोटोग्राफ्स, साइट प्लान और दूसरे रिकॉर्ड की जांच के बाद, पहली नज़र में मामला पंचायत के पक्ष में पाया। कोर्ट ने कहा कि अगर अंतरिम राहत नहीं दी गई, तो ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती और मुकदमे का मकसद भी प्रभावित हो सकता है।
इसे देखते हुए कोर्ट ने विरोधी पार्टियों को मुकदमे में बताई गई विवादित ज़मीन पर अगली सुनवाई की तारीख 29 अक्टूबर तक पटाखा बाज़ार लगाने और चलाने से रोक दिया है। कोर्ट ने मामले में विरोधी पार्टियों को नोटिस जारी करके अगली सुनवाई के लिए बुलाया है।