जालंधर, ENS: पटाखा मार्केट को लेकर हर साल की तरह इस बार भी मामला गरमा गया है। दरअसल, हर साल पटाखा कारोबारी का जगह को लेकर विवाद रहता है। ऐसे में इस बार पटाखा मार्केट पठानकोट रोड पर राओवाली में जगह की मंजूरी पटाखा कारोबारियों को प्रशासन की ओर से मिल गई थी, लेकिन सरपंच और पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा पटाखे लगाए जाने को लेकर विरोध किया जा रहा था।
इसी बीच पठानकोट रोड पर स्थित गांव राओवाली वासियों के द्वारा अदालत में याचिका दायर करवाकर पटाखा मार्केट लगने वाली पर रोक लगाने की मांग की थी। जिसको अदालतलने मान लिया है ओर पटाखा मार्केट को नाजायज क़रार देकर उस जगह पटाखा ना लगाने का आदेश जारी किया है। दरअसल, गांव के नजदीक पटाखा मार्कीट लगाए जाने को लेकर गांव वासियों में भारी रोष था। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित जगह के पास पेट्रोल पंप और रिहायशी इलाका होने के कारण सुरक्षा खतरा पैदा हो सकता है।
गांव के सरपंच जसबीर सिंह राणा का कहना है कि उन्हें खबर प्रकाशित होने के बाद पता चला कि उक्त स्थान पर पटाखा मार्केट लगाई जा रही है। इस संबंध में गांववासियों को पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि अगर पहले सूचना दी जाती तो ग्रामीण समय रहते अपना विरोध दर्ज करवाते। सरपंच ने बताया कि प्रशासन ने जिस जगह पटाखा मार्केट लगाने के लिए स्थान आवंटित किया है, उसके आसपास दो पेट्रोल पंप हैं।
ऐसे में पटाखों की मार्केट लगने से किसी बड़े हादसे का खतरा हो सकता है। इसके अलावा, मार्केट लगने से पूरी सड़क पर जाम की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस मामले को लेकर गांववासियों ने डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन भी सौंपा था। लेकिन कोई हल ना होने पर अदालत का सहारा लिया गया। फिलहाल, किसी वैकल्पिक स्थान पर पटाखा मार्केट लगाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर है कि क्या पटाखा विक्रेताओं के लिए कोई दूसरी जगह निर्धारित की जाएगी या इस बार जालंधर में पटाखा मार्केट नहीं लगेगी।