चंडीगढ़: हरियाणा में जनविश्वास की शक्ति, सुशासन के संकल्प और जनकल्याण की प्रतिबद्धता के साथ राज्य सरकार ने अपने लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ सरकार को सेवा का दायित्व सौंपा है, सरकार उसे पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में राज्य सरकार के तीसरे कार्यकाल के 2 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने कार्यकाल में हरियाणा को नंबर वन बताने वाले लोगों को आज प्रदेश की वास्तविक प्रगति और बदलती तस्वीर हजम नहीं हो रही है। उनके समय में हरियाणा नंबर वन तो था, लेकिन पर्ची-खर्ची, भाई-भतीजावाद, भय, भ्रष्टाचार और क्षेत्रवाद के मामले में नंबर वन था। नौकरियों में योग्यता के बजाय सिफारिश और पर्ची—खर्ची का बोलबाला था। पाताल से लेकर आकाश तक घोटाले थे। ऐसे शासन ने प्रदेश के विकास को पीछे धकेला और प्रदेशवासियों के साथ धोखा किया। उनके सरकार के 10 सालों में प्रदेश के एक ही क्षेत्र का विकास किया गया, बाकी हरियाणा की अनदेखी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप हरियाणा को देश का अग्रणी विकसित राज्य बनाना सरकार का संकल्प है। इसी दिशा में ‘विकसित हरियाणा, विकसित भारत’ की भावना के साथ प्रत्येक नीति, योजना और निर्णय को किसान की खुशहाली, गरीब के आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सम्मान तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित किया गया है।
