चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश, पेयजल और परिवहन से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक नीतियों के लक्ष्य बताते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए किए गए निर्णयों का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाया गया है। प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना के तहत 4 हजार 827 करोड़ रुपये की लागत से 9 हजार 410 किलोमीटर लंबी 4 हजार 227 सड़कों की मरम्मत की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1 हजार 70 करोड़ रुपये की लागत से रेवाड़ी बाइपास और 170 करोड़ रुपये की लागत से पिंजौर बाइपास का निर्माण कराया है। सरकार ने विधानसभा चुनाव-2024 के दौरान अपने घोषणापत्र में प्रदेश में 10 नए IMT स्थापित करने का संकल्प लिया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने नई MSME नीति-2026 भी लागू की है। इसके तहत, सरकार ने 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश, 5 लाख से अधिक नए रोजगार, हरियाणा के निर्यात को दोगुणा करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, प्रदेश के 14 लाख से अधिक छोटे उद्योगों को भी इसका लाभ मिलेगा। सितंबर, 2025 से लागू केंद्रीय जी.एस.टी सुधारों से प्रदेशवासियों को 2 हजार 652 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों में जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों के 121 परिजनों को नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में 1 हजार 700 बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन, 1 हजार 517 को सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ और 1 हजार 109 को गुजरात के सोमनाथ मंदिर के दर्शन कराए गए।
