जालंधर, ENS: फिल्लौर की महाराजा रणजीत सिंह अकेडमी में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पहुंचे। जहां सीएम मान की ओर से सभी जिलों के SSP, DC, DSP और SDM बैठक रखी गई है। ऐसे में बैठक में शामिल होने के लिए सीएम भगवंत मान के साथ वित्त मंत्री हरपाल चीमा, सेहत मंत्री बलबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सोंध, बलतेज पन्नू और कैबिनेट मंत्री व पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा शामिल हुए। इस दौरान बलतेज पन्नू ने भाजपा की नशे की यात्रा को फ्लॉप बताते हुए जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि डेढ साल से जारी युद्ध नशे के विरुद्ध को लेकर आज सीएम मान ने अहम बैठक बुलाई।
ऐसे में विपक्ष की बौखलाहट देखने को मिल रही है। ऐसे में आज पहले राहुल गांधी के ट्विट किया और उसके बाद केंद्रिय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्विट किया। ऐसे में दोनों के बयान लगभग एक जैसे है। पन्नू ने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि पंजाब से नशे का धब्बा उतरे, लेकिन सीएम मान नशे का खात्मा करके रहेंगे। वहीं संगंरूर में जहरीले पदार्थ से व्यक्ति की मौत और मानसा में परविंदर की मौत को लेकर अमित शाह ने पंजाब से रिपोर्ट मांगी। इस मामले को लेकर पन्नू ने कहा कि झोटा केस में मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए है।
ऐसे में सीएम मान ने स्पष्ट किया है कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। वहीं मेडिकल नशे को लेकर कहा कि कुछ दवाईयां एनडीपीएस एक्ट के अधीन नहीं है। नशीली दवाई कुछ राजस्थान से आती है। उन्होंने कहा कि दवाईयों को लेकर पंजाब सरकार द्वारा केंद्र को पत्र भी लिखा गया है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने नशे को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने एक अधिकारी सूरी का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष की सरकार के दौरान नशा तस्कर ने इंस्पेक्टर को मौत के घाट उतार दिया था और विपक्ष द्वारा दोषियों को बचाया गया। इसी के साथ पुलिस अधिकारी राजजीत का जिक्र करते हुए कहा कि अकाली-भाजपा के दौरान सामने आया था। लेकिन कांग्रेस सरकार आने पर उन्हें दोबारा पुलिस अफसर बनाकर रखा। जिसके बाद आप पार्टी की सरकार आने पर राजजीत के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कैबिनेट मंत्री तरुणुप्रीत सोंध ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट केस के आकंड़े जारी किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट केस में 65 हजार 146 दर्ज किए गए। वहीं 85 हजार 765 लोग गिरफ्तार किए गए। इसी के साथ 4299 किलो हेरोइन पकड़ी गई। 2 किलो से अधिक हेरोइन के साथ पकड़े के बड़े तस्कर 783 शामिल है। पंजाब पुलिस ने केस को अंजाम तक पहुंचाने के लिए 87 प्रतिशन कनवेक्शन रेट पाया है, जो कि देश भर में सबसे अधिक है। इस दौरान नशा मुक्त केंद्र में 3 लाख 22 हजार 643 लोगों को भर्ती किया गया। डि एडिक्शन सेंटर में 43 हजार 636 भर्ती किए गए। रिहैबलिस्टेशन में 16 हजार 160 भर्ती किए गए। इसी के साथ स्टूडेंट्स को नशे की दलदल से बचाने की सरकार ने 7.5 लाख स्टूडेंट्स को कैंप लगाकर जागरूक किया। इस दौरान टीचर्स को ट्रेंनिंग की दी गई, जिसमें बच्चों को नशे से दूर रहने का काम किया गया। ऐसे में 15 हजार विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई गई, जिसमें 1 लाख पंजाबी अपने गांव और वार्ड में शामिल हुए।
