शिमला: हिमाचल प्रदेश के दुर्गम जनजातीय क्षेत्र स्पीति में विकास की संभावनाओं को नई दिशा देने और स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का दो दिवसीय काजा दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। यह दौरा केवल विकास योजनाओं की घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें जनसंवाद, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, बिजली आपूर्ति में सुधार, पर्यटन को प्रोत्साहन और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की व्यापक रूपरेखा सामने आई।
मुख्यमंत्री ने दौरे के दौरान स्पीति के दुर्गम और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जनजातीय सीमावर्ती क्षेत्रों में 116.28 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए। उन्होंने प्रदेश सरकार के महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत स्पीति घाटी के रंगरिक में रात्रि प्रवास किया। प्रवास के दौरान उन्होंने मंजुश्री में जनसमस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जब 15 अप्रैल, 2023 को हिमाचल दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अवसर पर काजा आए थे, उस समय स्थानीय लोगों ने बिजली की समस्या उनके समक्ष रखी थी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को इस समस्या के समाधान के प्रति आश्वस्त किया था और आज इस दिशा में परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। स्पीति में निर्बाध बिजली आपूर्ति केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित विषय नहीं है।
स्पीति जैसे दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जीवन की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने काजा में स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने की घोषणा की। इससे स्थानीय लोगों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए दूरस्थ क्षेत्रों की यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी।
