चंडीगढ़: हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने कहा कि उत्पादों की सुरक्षा, उपभोक्ता संरक्षण, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता और सतत विकास सुनिश्चित करने में मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नागर ने कहा कि मानकों को गुणवत्ता, सुरक्षा, स्थिरता और समावेशी विकास का प्रभावी माध्यम बनाया जाना चाहिए। इससे ’’सतत विकास लक्ष्य-7-किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा’’ सहित व्यापक सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने गुणवत्ता को साझा जिम्मेदारी और मानकों को अधिक टिकाऊ हरियाणा तथा बेहतर भारत के निर्माण का साझा मार्ग बनाने का आह्वान किया। वे आज भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित ’’विश्व मानक दिवस 2026’’ समारोह में उपस्थितनों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा भंडारण और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में हो रहे विकास से नागरिकों और उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। हालांकि, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि इन तकनीकों से जुड़े उत्पाद सुरक्षित, विश्वसनीय, ऊर्जा-कुशल और अपने निर्धारित उपयोग के अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में सुरक्षित और टिकाऊ बदलाव के लिए मानक एक मजबूत तकनीकी आधार प्रदान करते हैं।
नागर ने कहा कि मानकीकरण, प्रमाणन और विधिक माप विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं तथा बाजार में निष्पक्षता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक उपभोक्ता को यह विश्वास होना चाहिए कि वह जो उत्पाद खरीद रहा है, उसकी गुणवत्ता, मात्रा, सुरक्षा और कार्यक्षमता निर्धारित मानकों के अनुरूप है।
