चंडीगढ़: टैक्स चोरी को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने सुव्यवस्थित और कई राज्यों में फैले जीएसटी धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करने की घोषणा की। मामले का विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “इस कथित कर चोरी में 2,410.22 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कर योग्य राशि शामिल है, जिसके माध्यम से 429.30 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी की गई है।”
यह स्पष्ट करते हुए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और राज्य सरकार दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, वित्त मंत्री चीमा ने खुलासा किया कि स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट (एसआईपीयू) द्वारा जुटाई गई खुफिया जानकारी के आधार पर लुधियाना के पुलिस थाना डिवीजन नंबर-4 में एफआईआर संख्या 0185, दिनांक 13 अक्टूबर, 2026, दर्ज की गई है।
वित्त मंत्री ने बताया, “यह मामला श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक हर्ष थापर तथा उसके सहयोगियों सम्मी धीमान, जस और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम, 2017 की धारा 132 के तहत दर्ज किया गया है।”
इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि बाद में की गई जांच में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से माल की ढुलाई करने वाले एक सुव्यवस्थित सिंडिकेट का पता चला। उन्होंने कहा, “उन्नत डेटा एनालिटिक्स और ई-वे बिल के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करने के बाद हमारे विभाग ने विभिन्न राज्यों में सक्रिय 62 आपस में जुड़ी फर्मों के नेटवर्क की पहचान की है, जिनमें से 25 पंजाब में सक्रिय हैं।”
टैक्स चोरी करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “कर चोरी के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार करने या उनका इस्तेमाल करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ऐसे सफेदपोश अपराधों में जानबूझकर सहायता करने वाले बिचौलियों और ट्रांसपोर्टरों को भी जवाबदेही के दायरे में लाया जाएगा। हम सही और गलत के बीच स्पष्ट अंतर रखेंगे।
