फिरोजपुरः फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने गुरु हर-सहाय में बिस्किट और ब्रेड बनाने वाली एक फ़ैक्ट्री का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि फैक्ट्री बिना फूड सेफ्टी लाइसेंस के चल रही थी और खाद्य उत्पादों को बनाने में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में रखे लगभग 15 क्विंटल कच्चे माल में घुन और कीड़े पाए गए। संदिग्ध कच्चे माल को तुरंत ज़ब्त कर लिया गया ताकि इसका इस्तेमाल आगे खाद्य पदार्थों के उत्पादन में न हो सके। इसके अलावा बन रहे बिस्किट के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।
जांच में यह भी पता चला कि मूंगफली को कथित तौर पर हरे रंग में रंगकर पिस्ता बताकर बेचा जा रहा था। साथ ही जांच में फैक्ट्री के अंदर अमोनिया के इस्तेमाल का भी पता चला। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए विभाग खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई कर रहा है।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि फैक्ट्री कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट मौके पर उपलब्ध नहीं थे। फैक्ट्री प्रबंधन को स्वच्छता के मानकों को बेहतर बनाने और खाद्य उत्पादन के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक हफ़्ते की समय-सीमा दी गई है।
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि तय समय के बाद फैक्ट्री का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। अगर निरीक्षण के दौरान कमियां दूर नहीं की जाती हैं या नियमों का कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों से अपील की है कि वे फ़ूड सेफ़्टी लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन, स्वच्छता मानकों, कच्चे माल की गुणवत्ता और कर्मचारियों के लिए जरूरी मेडिकल सर्टिफिकेट से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकें।
