चंडीगढ़: हरियाणा सरकार बाल सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा द्वारा “सशक्त महिला – सुरक्षित बचपन – समृद्ध हरियाणा” के संकल्प को साकार करने हेतु प्रदेशभर में 141 स्थानों पर ‘सुरक्षित पालना केंद्र’ स्थापित किए गए हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए लोगों से भी अपील की है कि किसी भी लाचार अथवा असमर्थ परिस्थिति में नवजात शिशु या बच्चे को सड़क, सूनसान स्थान, पेड़ के नीचे, कूड़ेदान, अस्पताल के बाहर या किसी अन्य असुरक्षित स्थान पर न छोड़ें। आपका एक गलत कदम मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल सकता है। यदि कोई अभिभावक या व्यक्ति किसी कारणवश बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ है, तो बच्चे को झाड़ियों या असुरक्षित स्थानों पर फेंकने के बजाय सरकार द्वारा बनाए गए इन सुरक्षित पालना केंद्रों में सौंपें।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा ये ‘सुरक्षित पालना केंद्र’ प्रदेश के विभिन्न स्थानों जैसे बाल देखभाल संस्थानों , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों , सिविल अस्पतालों और अन्य निर्धारित संस्थानों में बनाए गए हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में सुरक्षित पालना केंद्र उपलब्ध न हो, तो बच्चे को प्रत्येक जिले में गठित बाल कल्याण समिति के समक्ष भी सुरक्षित रूप से सौंपा जा सकता है।
प्रवक्ता ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बच्चे को सुरक्षित रूप से सौंपने के लिए आगे आने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि कोई भी बिना किसी भय या संकोच के मासूम की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। उन्होंने आमजन से अपील की कि आइए, मिलकर यह संकल्प लें कि कोई भी नवजात या बच्चा लावारिस और असुरक्षित स्थिति में न मिले और हर बच्चे को एक सुरक्षित कल मिल सके।
