पठानकोटः डैम निर्माण के लिए अपनी जमीन देने के बावजूद नौकरी नहीं मिलने से नाराज बैराज ओस्ती संघर्ष कमेटी के दो सदस्य पिछले करीब 50 दिनों से 80 से 100 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर संघर्ष कर रहे हैं। करीब 80 वर्ष की उम्र के आसपास पहुंच चुके इन बुजुर्गों का इतने लंबे समय से टावर पर बैठकर अपने हक की मांग करना प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।
संघर्ष कर रहे दोनों सदस्यों का कहना है कि डैम के निर्माण के लिए जमीन देने के बावजूद उन्के पारिवारिक सदस्यों को अब तक नौकरी नहीं मिली है। इसी मांग को लेकर वे पिछले 50 दिनों से टावर पर डटे हुए हैं। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर बैठकर संघर्ष करना उनकी मजबूरी और अपनी मांग को लेकर उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। मामले में आज प्रशासन की ओर से दोनों संघर्षरत सदस्यों को आश्वासन दिए जाने के बाद उन्हें टावर से नीचे उतर गया। हालांकि, उनकी नौकरी से संबंधित मांग का अंतिम समाधान क्या निकलता है, यह प्रशासन की ओर से किए जाने वाले प्रयासों और आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
बैराज ओस्ती संघर्ष कमेटी के इन दोनों सदस्यों का मामला एक बार फिर डैम निर्माण के लिए जमीन देने वाले लोगों के अधिकारों और उनके पुनर्वास से जुड़े सवालों को सामने लाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन का आश्वासन इन बुजुर्गों के संघर्ष को समाप्त करने और उनकी मांग का स्थायी समाधान निकालने में कितना कारगर साबित होता है। वहीं प्रशासन अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि इनको कुछ सदस्यों के साथ मिलकर एक कमेटी का गठन किया जाएगा और सरकार से एक हफ्ते के भीतर उनकी मांगों को लेकर एक मीटिंग की जाएगी जिसमें उनकी मांगों को पूरा करवाने के लिए इस संबंधी हल निकालने की कोशिश की जाएगी।
