लुधियानाः गुरु नानक देव भवन में नगर निगम के जनरल हाउस की बैठक में सोमवार को विपक्षी पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान मेयर ने पार्षदों का माइक बंद करवा दिया। दरअसल, बैठक शुरू होने से पहले ही कांग्रेस पार्षदों ने शहर की सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए प्रस्तावित 82 करोड़ रुपए के टेंडर के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कांग्रेस पार्षद और फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी के सदस्य गौरव भट्टी नकली नोटों से भरी बोरी लेकर पहुंचे थे। उन्होंने मेयर इंद्रजीत कौर को ये नोट देते हुए टेंडर रद्द करने की मांग की थी। पुलिस ने उन्हें बैठक हॉल के प्रवेश द्वार पर रोकने की कोशिश की, लेकिन वह बोरी लेकर अंदर पहुंच गए। उनका कहना था कि शहर के लिए व्यावहारिक नहीं होने वाले इस टेंडर के जरिए जनता के पैसे से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं मेयर ने हंगामा करने वाले पार्षदों को बाहर करने के आदेश दिए हैं। हालांकि पुलिस ने मेयर के आदेश के बावजूद पार्षदों को बाहर नहीं किया। हंगामे के दौरान एक पार्षद का कुर्ता फट गया। इस बीच निगम कर्मियों ने बैठक का बायकाट किया है। उनकी बहस भाजपा की पार्षद भवनीत कौर के साथ हुई। पार्षद ने सेंट्रल इंस्पेक्टर निशु घई का नाम लेकर आरोप लगाया कि वह उनके इलाके में कभी फिजिकल तौर पर ड्यूटी पर नहीं रहे। उधर, निशु घई का कहना है कि पार्षद ने उनसे बदतमीजी से बात मीटिंग में की है।
उन्हें तुम कह कर बुलाया गया है जिस कारण वह मीटिंग का बायकाट करते हैं। शनिवार को वार्ड नंबर-47 से आम आदमी पार्टी की पार्षद उषा कल्याण के निधन के कारण बैठक स्थगित कर दी गई थी। वह कैंसर से पीड़ित थीं और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके बेटे की शादी में करीब एक महीना बाकी था। महिला पार्षद भूपिंदर कौर ने बैठक हॉल के बाहर व्हीलचेयर पर बैठकर हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया। भूपिंदर कौर ने कहा कि उन्होंने इस मामले में कई नेताओं और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि वह बैठक में शामिल नहीं होंगी और यदि सोमवार को हाउस में यह प्रस्ताव पास किया गया, तो पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।
