चंडीगढ़: पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) ने मोहाली स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय पंजाब प्लास्टिक एक्शन समिट 2026 का आयोजन किया। इसमें नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नागरिक समाज, पर्यावरण विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए प्रभावी समाधान तलाशना और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ के विजन को आगे बढ़ाना था। समिट ने वैश्विक अनुभवों के आदान-प्रदान, तकनीक आधारित उपायों और प्लास्टिक की पूरी मूल्य श्रृंखला में जवाबदेही मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान किया।

समिट में प्लास्टिक कचरे की बढ़ती चुनौती पर विचार-विमर्श किया गया और उन्नत कचरा प्रसंस्करण तकनीकों, सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल, टिकाऊ विकल्पों, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा समुदाय आधारित पहलों जैसे समाधानों पर चर्चा हुई। इस दौरान पंजाब के छह प्रमुख शहरों में PPCB द्वारा किए गए प्लास्टिक वेस्ट ब्रांड ऑडिट के निष्कर्ष भी प्रस्तुत किए गए।

समिट में ब्रांड ऑडिट से सामने आई एक प्रमुख चिंता को रेखांकित किया गया: राष्ट्रीय EPR प्रणालियों पर दर्ज अनुपालन और जमीनी स्तर पर दिखाई देने वाले ब्रांडेड प्लास्टिक कचरे के बीच अंतर। मौजूदा व्यवस्था के तहत, देश के किसी अन्य हिस्से में प्रसंस्कृत प्लास्टिक कचरे के आधार पर जारी किए गए EPR प्रमाणपत्रों के माध्यम से उत्पादक अपने पुनर्चक्रण संबंधी दायित्वों को पूरा कर सकते हैं।
समिट की प्रमुख प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना रही कि प्लास्टिक कचरे को केवल एक स्थान से दूसरे स्थान पर न पहुंचाया जाए, बल्कि उसके पूरे जीवन चक्र में उसका सुरक्षित प्रबंधन हो। इसमें जिम्मेदार उपभोग और कचरे के पृथक्करण से लेकर संग्रह, पुनर्प्राप्ति, पुनर्चक्रण तथा गैर-पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के उचित निपटान तक की प्रक्रिया शामिल है।
