चंडीगढ़ः पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा झटका लगा। दरअसल, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद करीब 13 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया से पहले राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे, जबकि पुनरीक्षण के बाद यह संख्या घटकर लगभग 2.01 करोड़ रह गई है।
चुनाव आयोग ने CEO पंजाब की वेबसाइट पर फाइनल वोटर सूची पब्लिश कर दी है। लोग www.ceopunjab.gov.in पर क्लिक कर अपना नाम चेक कर सकते हैं। यहां Final Roll 2026 के नाम से वोटर लिस्ट में नाम चेक करने की ऑप्शन दी गई है। अनिंदिता मित्रा ने कहा कि अगले चुनाव में वोटिंग के लिए अगर कोई वोट बनवाना चाहता है तो वह ऑनलाइन, BLO या ERO को फॉर्म नंबर 6 भरकर दे सकता है। इसके लिए हम अगले हफ्ते से स्पेशल कैंप भी शुरू कर रहे हैं।
मतदाता सूची में हुए इस बदलाव के बाद पंजाब में मतदाताओं की कुल संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कर उनमें दर्ज नामों और संबंधित विवरणों की जांच की जाती है, ताकि सूची को अद्यतन किया जा सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची में करीब 13 लाख मतदाताओं की कमी आई है।
हालांकि, हटाए गए नामों के कारणों और अलग-अलग श्रेणियों में नाम कटने का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने नाम मृत मतदाताओं, स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से हटाए गए हैं। मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान के अधिकार के लिए जरूरी है। ऐसे में मतदाताओं के लिए अपनी प्रविष्टियों की जांच करना महत्वपूर्ण है, ताकि आगामी चुनावों के दौरान उन्हें मतदान करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
