26.20 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त, 71 सप्लायर भी पकड़े, सबसे ज्यादा पंजाब के 71 तस्कर गिरफ्तार
पंचकूलाः हरियाणा सरकार के नशा मुक्त प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए पंचकूला पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ मैदान में उतर चुकी है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के नेतृत्व में जिले की सभी पुलिस यूनिट्स द्वारा नशा तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का फोकस केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने, बच्चों और युवाओं को नशे की शुरुआती गिरफ्त से बचाने, शिक्षण संस्थानों तक पहुंचकर जागरूकता फैलाने तथा नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार एवं पुनर्वास उपलब्ध करवाने पर भी है।
102 मामलों में 179 नशा तस्कर गिरफ्तार
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक पंचकूला पुलिस ने 102 मामलों में 179 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 71 सप्लायर भी शामिल हैं। पुलिस ने 7 किलो 341 ग्राम गांजा, जिसकी कीमत 3,67,050 रुपये, 49 किलो 773 ग्राम चूरा पोस्त, जिसकी कीमत 7,46,595 रुपये, 16 किलो 990 ग्राम अफीम, जिसकी कीमत 84,95,000 रुपये, 11 किलो 494 ग्राम 912 मिलीग्राम हेरोइन, जिसकी कीमत 22,98,80,000 रुपये तथा 4 किलो 611 ग्राम चरस, जिसकी कीमत 11,52,750 रुपये आंकी गई है, बरामद की है। इसके अलावा 40,200 टैबलेट्स, जिनकी कीमत 1,60,80,000 रुपये तथा 106 ग्राम 79 मिलीग्राम कोकीन, जिसकी कीमत 53,00,000 रुपये है, भी बरामद की गई है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में बरामद मादक पदार्थों एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 26 करोड़ 20 लाख 21 हजार 395 रुपये है। वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 4,54,68,785 रुपये की कीमत का नशा बरामद किया गया था।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों में सबसे अधिक पंजाब के 71 तस्कर शामिल हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड से संबंधित 106 नशा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान 2 विदेशी नशा तस्करों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के अनुसार इस वर्ष पंचकूला पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बागवाला क्षेत्र की हाईजीन फैक्ट्री में 9.27 करोड़ रुपये कीमत के नशीले पदार्थों को नष्ट किया है। ये नशीले पदार्थ 180 मामलों में बरामद किए गए थे, जिन्हें नियमानुसार नष्ट किया गया। पुलिस द्वारा कुल 42 किलो 62 ग्राम गांजा, 25 किलो 661 ग्राम 43 मिलीग्राम चरस, 9 किलो 601 ग्राम 350 मिलीग्राम अफीम, 3 किलो 97 ग्राम 818 मिलीग्राम हेरोइन, 83 किलो 41 ग्राम चूरा पोस्त, 2092 प्रतिबंधित नशीली गोलियां तथा 30 किलो 852 ग्राम अफीम के पौधे नष्ट किए गए। नशीले पदार्थों को नष्ट करने की यह कार्रवाई नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में लगातार किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।
नशा मुक्त अभियान के तहत 1 जनवरी 2026 से 07 अक्टूबर 2026 तक गठित तीन विशेष टीमों द्वारा 553 गांव, मोहल्लों व क्षेत्रों का दौरा कर 36657 लोगों से संपर्क किया गया। इस दौरान पुलिस टीमों ने 3941 नशा पीड़ितों की पहचान की है, जिनमें से 3638 का उपचार शुरू करवाया जा चुका है। इनमें से 216 पीड़ितों को पुनर्वास केंद्रों में भर्ती करवाकर उनका इलाज सुनिश्चित किया गया है। पुलिस का प्रयास है कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
शिक्षण संस्थानों के आसपास पुलिस की पैनी नजर
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने बताया कि ऑपरेशन कवच के तहत पंचकूला पुलिस का विशेष फोकस बच्चों को नशे की शुरुआत से पहले ही रोकने पर भी है। शिक्षण संस्थानों के आसपास लगातार निगरानी और छापेमारी कर लाखों रुपये की कीमत के कूल लिप, रोलिंग पेपर व अन्य प्रतिबंधित तंबाकू पदार्थों की बरामदगी कर उन्हें नष्ट किया गया है। अभियान का संदेश स्पष्ट है कि नशे की छोटी शुरुआत आगे चलकर गंभीर लत का रूप ले सकती है। बच्चों को नशे से बचाने के लिए पुलिस के साथ-साथ अभिभावकों, शिक्षकों और पूरे समाज की भागीदारी भी जरूरी है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पंचकूला पुलिस का मकसद बड़े स्तर पर नशा बेचने वाले तस्करों तक पहुंचकर नशे को जड़ से खत्म करना, शुरुआती स्तर पर ही बच्चों को नशे से बचाना, शिक्षण संस्थानों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को जागरूक करना तथा नशे की गिरफ्त में पड़े युवाओं का उपचार सुनिश्चित करवाना है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
पंचकूला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को नशे की लत से बाहर आना है या नशा बेचने या नशे के सेवन से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो वह तुरंत ड्रग इंफो हेल्पलाइन नंबर 7087081100, 7087081048 या मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और पीड़ित का इलाज नि:शुल्क करवाया जाएगा साथ ही नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का संदेश है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जनता की एक सूचना किसी युवा का भविष्य बचा सकती है और नशे के कारोबार की एक कड़ी को तोड़ सकती है।
