शिमला: हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास की वास्तविक तस्वीर केवल बड़े शहरों और प्रमुख कस्बों से नहीं, बल्कि उन दूरदराज गांवों से सामने आती है, जहां आज भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों के जीवन की गुणवत्ता तय करती हैं। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का 1 से 3 अक्तूबर तक शिमला जिले के रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों का दौरा केवल एक सामान्य प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि सरकार और ग्रामीण समाज के बीच सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर बना।
मुख्यमंत्री ने शिमला जिले के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र को 182.87 करोड़ रुपये की लागत की 61 विकास परियोजनाओं और रामपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को 232.93 करोड़ रुपये की लागत की 28 विकास परियोजनाओं के उपहार दिए। लोकतंत्र में विकास केवल योजनाओं और बजट से नहीं होता, विकास तब सार्थक बनता है जब योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन लोगों की वास्तविक जरूरतों से जुड़ा हो। रोहड़ू और रामपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का लोगों से सीधे संवाद करना इसी दृष्टिकोण को सामने लाता है।
इस तीन दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए अनेक घोषणाएं की।रोहडू स्थित पीएम राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सीबीएसई के विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री के संवाद के दौरान जब एक छात्रा द्वारा स्कूल के नए भवन की मांग की गई तो उन्होंने नए भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
उन्होंने महिला मंडलों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने बरशील पुल को वाहन योग्य बनाने का आश्वासन दिया तथा चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये देने और धमवाड़ी स्कूल को सीबीएसई बनाने की घोषणा भी की। प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं के क्रम में नोगली में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के 1,471 पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 5,78,81,725 रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की।
