शिमला: हिमाचल प्रदेश डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं के वितरण के क्षेत्र में तेजी से बदलाव की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने डिजिटल प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों और पहलों को लागू करते हुए प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में शुरू किए गए इन सुधारों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
नई डिजिटल व्यवस्थाओं और मौजूदा प्रणालियों में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और विभाग अब महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों को पहले की अपेक्षा अधिक तेज, व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित कर पा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करवाने और उनके समाधान के लिए एक केन्द्रित मंच उपलब्ध करवाती है।
इस प्रणाली के माध्यम से शिकायतों का ऑनलाइन पंजीकरण, संबंधित विभाग को भेजना, निगरानी और निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है। सरकार द्वारा हिमसेवा 2.0 भी विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न सेवाओं को और अधिक एकीकृत, सरल, कुशल तथा नागरिक-अनुकूल बनाना है। वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट पोर्टल अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रदर्शन मूल्यांकन तथा वार्षिक कार्य योजना की प्रक्रिया को डिजिटल रूप प्रदान करता है।
पोर्टल में रिपोर्टिंग, समीक्षा और स्वीकृति अधिकारियों के लिए एक सुव्यवस्थित रूप में उपलब्ध है। ये सभी पहल हिमाचल प्रदेश में सुशासन और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं। डिजिटल वर्कफ्लो, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों के समन्वय से राज्य सरकार प्रशासन को अधिक कुशल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
