फरीदाबादः हरियाणा के औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के खेड़ी पुल थाना क्षेत्र से शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां के भारत कॉलोनी स्थित 35 फुट रोड पर चल रहे ‘हंस मेमोरियल पब्लिक स्कूल’ पर पास ही बन रहे एक बहुमंजिला मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार का वजन अधिक होने के कारण स्कूल की छत ताश के पत्तों की तरह ढह गई और सीधे नीचे क्लासरूम में जा गिरी। इस खौफनाक हादसे के वक्त कक्षा में पढ़ रहे करीब 10 मासूम बच्चे मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद स्कूल परिसर में मातम और चीख-पुकार मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर अचानक फरीदाबाद में मौसम का मिजाज बिगड़ गया और तेज धूलभरी आंधी चलने लगी। स्कूल परिसर से बिल्कुल सटकर एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी नई दीवार बिना किसी पुख्ता सपोर्ट के खड़ी की गई थी।
तेज अंधड़ के दबाव को यह नई-नवेली दीवार झेल नहीं पाई और उसका एक बड़ा हिस्सा जोरदार धमाके के साथ स्कूल की छत पर जा गिरा। लोहे और भारी कंक्रीट का मलबा गिरते ही स्कूल की कमजोर छत नीचे बैठे बच्चों पर आ गिरी, जिससे पल भर में पूरा कमरा धूल के गुबार में तब्दील हो गया। छत गिरते ही स्कूल स्टाफ ने अदम्य साहस का परिचय दिया। बिना एक पल गंवाए शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने अपने हाथों से मलबे और भारी पत्थरों को हटाना शुरू किया और नीचे दबे सभी 10 बच्चों को एक-एक कर बाहर निकाला। जैसे ही हादसे की खबर कॉलोनी में फैली, बच्चों के माता-पिता बदहवास हालत में स्कूल की तरफ दौड़ पड़े।
आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल बच्चों को फरीदाबाद के बीके अस्पताल (सिविल अस्पताल) ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों को घर भेज दिया गया है, लेकिन 4 बच्चों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में बिल्डर और मकान मालिक लागत बचाने के लिए घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं और सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाकर ऊंची इमारतें खड़ी की जा रही हैं।
पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। निर्माणाधीन मकान के मालिक और ठेकेदार की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों में लापरवाही और अवैध निर्माण की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास सहित सुसंगत धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल और घटनास्थल का दौरा कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक और असुरक्षित निर्माण कार्यों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
