वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान पर नए सैन्य हमलों की तैयारी में जुटा है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर हमले की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका-ईरान में चल रही बातचीत अंतिम चरण में है और उन्हें उम्मीद है कि डील हो जाएगी। हालांकि अगर बातचीत टूट जाती है तो फिर वह सख्त रुख अपनाते हुए सैन्य विकल्प की ओर जा सकते हैं। ट्रंप की ओर से ईरान के यह धमकी ऐसे समय दी गई है, जब दोनों देशों के बीच एक नाजुक सीजफायर है।
ईरान ने किसी भी अमेरिकी हमले का जोरदार जवाब देने की बात कही है। CBS और Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को ट्रंप ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ व्हाइट हाउस में अहम बैठक की। बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना के कुछ जवानों की मेमोरियल डे छुट्टियां तक रद्द कर दी गई हैं। विदेशों में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए “रिकॉल रोस्टर” अपडेट किए जा रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी अपने सभी निजी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। वह न्यू जर्सी स्थित बेडमिंस्टर गोल्फ क्लब जाने वाले थे, लेकिन अचानक योजना बदलकर वॉशिंगटन लौट आए। उन्होंने अपने बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की शादी में शामिल होने का कार्यक्रम भी कैंसिल कर दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि किसी भी समझौते में ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी। तेहरान की सरकार अगर परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करती है और न्यूक्लियन वेपन बनाने पर आगे बढ़ती है तो फिर चीजें बिगड़ेंगी। इससे हमें ईरान पर एक बहुत जोरदार हमला करना पड़ सकता है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) की ओर से कहा गया है कि अगर उनकी जमीन पर अटैक होता है तो उसका पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा। आरजीसी ने कहा है कि इस बार अमेरिकी हमले से एक ऐसा युद्ध शुरू होगा, जिसे सीमित करना मुश्किल होगा। यह लड़ाई क्षेत्र की सीमाओं को पार करके और आगे तक फैल जाएगी।
