रेवाड़ीः हरियाणा में बावल स्थित सेक्टर-5 इंडस्ट्रियल एरिया में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार आग लगने के कुछ ही देर बाद फैक्ट्री के अंदर जोरदार धमाके होने लगे और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के दौरान फैक्ट्री में 25 से 30 कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से 7 कर्मचारी झुलस गए। आग इतनी भयानक थी कि काले धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा। आग पर काबू पाने के लिए रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और महेंद्रगढ़ समेत कई जगहों से 35 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे हैं। घायलों को उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के तुरंत बाद फैक्ट्री के अंदर से लगातार धमाकों की आवाजें आने लगीं। आग की ऊंची लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। घटना में झुलसे 7 कर्मचारियों को सबसे पहले रेवाड़ी के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से दो कर्मचारियों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें गुरुग्राम रेफर कर दिया गया, जबकि चार का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक कर्मचारी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में केमिकल उत्पादों के साथ इंक और एल्युमिनियम फॉयल का निर्माण किया जाता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के समय फैक्ट्री के चिलिंग प्लांट में रिपेयरिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक ब्लास्ट हुआ और देखते ही देखते आग पूरी फैक्ट्री में फैल गई। मिली जानकारी के अनुसार, जीएलएस कंपनी का कारोबार भारत समेत कई देशों में फैला हुआ है। कुछ महीने पहले इसी कंपनी में मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड भी हुई थी।
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई थी। कंपनी प्रबंधन की ओर से बताया गया कि हादसे के समय फैक्ट्री के अंदर करीब 25-30 कर्मचारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में चिलिंग प्लांट की रिपेयरिंग के दौरान ब्लास्ट होने की बात सामने आई है। फिलहाल आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है।
