अमृतसरः जिले के फतेहपुर इलाके में एंटी-गैंगस्टर ऑपरेशन सेल द्वारा खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान दो शूटरों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि दूसरे को भागने की कोशिश करते समय गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान कुलबीर सिंह पुत्र फतेह सिंह, निवासी बुल्लोवाल, होशियारपुर और जशदीप उर्फ माया, निवासी अमृतसर के रूप में हुई है।
पुलिस कमिश्नर का आया बयान
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मीडिया को बताया कि दोपहर करीब 2 बजे, एंटी-गैंगस्टर ऑपरेशन सेल को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ अपराधी अमृतसर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से घूम रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर, सब-इंस्पेक्टर राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने फतेहपुर इलाके में नाकाबंदी की। पुलिस के अनुसार जब मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे मोटरसाइकिल फिसल गई। इसके बाद उन दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने पहले हवा में गोली चलाई और उन्हें सरेंडर करने को कहा, लेकिन आरोपियों ने फिर से फायरिंग कर दी। जिसके बाद, आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान, आरोपियों में से एक के पैर में गोली लग गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलबीर सिंह पुत्र फतेह सिंह, निवासी बुल्लोवाल, जिला होशियारपुर, और जशदीप उर्फ माया, निवासी अमृतसर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कुलबीर सिंह के खिलाफ पहले से ही चार आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आया था। जबकि 21 वर्षीय जशदीप के खिलाफ भी हथियारों की तस्करी से जुड़े दो मामले दर्ज हैं, जिनमें बड़ी संख्या में पिस्तौलें बरामद की गई थीं। शुरुआती पूछताछ के दौरान, यह खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी एक गैंग के लिए शूटर के तौर पर काम कर रहे थे और उन्हें अपने दुश्मन गैंग के सदस्यों की दो टारगेट किलिंग को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पुलिस का दावा है कि विदेश में बैठा गैंगस्टर अंकुश बहमन उन्हें लॉजिस्टिक सपोर्ट, पैसा, हथियार और टारगेट मुहैया करा रहा था। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने आरोपी से चीन में बनी .30 बोर की एक पिस्तौल, चार ज़िंदा कारतूस और दो खाली खोल भी बरामद किए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस ऑपरेशन से शहर में होने वाली कई बड़ी आपराधिक घटनाओं को टाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस अब इस मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है, जिसमें पैसों के लेन-देन, हथियारों की सप्लाई, रहने की व्यवस्था और स्थानीय साथियों की भूमिका शामिल है। पुलिस का मकसद इस गैंग से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
