सड़कों पर अक्सर ऐसी गाड़ियां दिख जाती हैं जिन पर लोग अपनी जाति या समाज का नाम बड़े गर्व से लिखवाते हैं। कुछ लोगों के लिए यह उनकी पहचान का हिस्सा होता है, लेकिन कानून की नजर में यह सही नहीं है। भारत के ट्रैफिक नियमों के अनुसार मोटर वाहन अधिनियम 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत गाड़ी की नंबर प्लेट पर सिर्फ रजिस्ट्रेशन नंबर ही लिखा होना चाहिए। नियम 50 साफ कहता है कि नंबर प्लेट पर किसी भी तरह का स्टिकर, नाम या डिजाइन लगाना गैरकानूनी है।
कितना लगता है जुर्माना?
अगर कोई व्यक्ति नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करता है, तो पहली बार पकड़े जाने पर ₹5,000 तक जुर्माना, दूसरी बार पकड़े जाने पर 10,000 तक जुर्माना या 1 साल तक की जेल हो सकती है।
सिर्फ नंबर प्लेट ही नहीं, गाड़ी पर भी पाबंदी
बहुत से लोग अपनी गाड़ी के पीछे के शीशे या बॉडी पर भी जाति के नाम लिखवाते हैं। यह भी नियमों के खिलाफ है। इन मामलों में धारा 177 और 179(1) के तहत ₹1,000 से ₹2,500 तक का चालान हो सकता है। कई राज्यों में इस पर सख्ती बढ़ गई है। जैसे नोएडा और गाजियाबाद में हजारों गाड़ियों के चालान सिर्फ इसी वजह से काटे गए हैं।
आखिर क्यों लगाया गया है बैन?
सरकार ने इसके पीछे कुछ अहम वजहें बताई हैं। जाति लिखने से समाज में विवाद और तनाव बढ़ सकता है। एक्सीडेंट या अपराध के समय गाड़ी की पहचान करने में दिक्कत होती है। ट्रैफिक कैमरा और ई-चालान सिस्टम के लिए साफ नंबर प्लेट जरूरी होती है। इसलिए अब सभी गाड़ियों के लिए HSRP (High Security Registration Plate) जरूरी कर दी गई है।
क्या करना चाहिए?
- गाड़ी पर सिर्फ वैध नंबर प्लेट ही रखें
- किसी भी तरह का नाम, जाति या स्टिकर लगाने से बचें
- ट्रैफिक नियमों का पालन करें, ताकि जुर्माने से भी बचें और कानून का सम्मान भी करें
