नई दिल्लीः कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष Rahul Gandhi के लिए शुक्रवार को एक बड़ी कानूनी चुनौती सामने आई है। Allahabad High Court की लखनऊ बेंच ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
क्या कहा हाई कोर्ट ने?
हाई कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उनकी जांच जरूरी है। कोर्ट ने Uttar Pradesh Government को निर्देश दिया कि वह या तो खुद इस मामले की जांच करे या किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाए।
क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी पर आरोप है कि उनके पास भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता हो सकती है। भारतीय कानून के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ दो देशों की नागरिकता नहीं रख सकता। इस मामले को लेकर S. Vignesh Shishir ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के पास दो देशों के पासपोर्ट हो सकते हैं, जो कानून का उल्लंघन है।
पहले क्या हुआ था?
इससे पहले 28 जनवरी 2026 को लखनऊ की विशेष MP/MLA अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि नागरिकता जैसे मामलों पर फैसला करने का अधिकार उसके पास नहीं है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का रुख किया।
किन कानूनों के तहत लगे आरोप?
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें शामिल हैं भारतीय कानूनों का उल्लंघन पासपोर्ट अधिनियम, विदेशी अधिनियम, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम इन सभी के तहत जांच की मांग की गई है।
हाई कोर्ट ने पहले क्या पूछा था?
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा था कि राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर मिली शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
किसने दाखिल की याचिका?
यह याचिका कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता S. Vignesh Shishir ने दायर की थी। उन्होंने पहले MP/MLA कोर्ट के फैसले को चुनौती दी और अब हाई कोर्ट से जांच की मांग की।
