नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन कॉल पर फटकार लगाने के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लेबनान को लेकर सुर नरम पड़े हैं। ट्रंप ने नेतन्याहू को लेबनान के खिलाफ हमले को रोकने के लिए राजी कर लिया है जिसके बाद उन्होंने अपने सैनिकों को वापिस बुला लिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट कर खुद इसकी जानकारी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बेरुत पर हमले को रोकने के लिए मना लिया है। इसके बाद इजरायली नेता ने अपने सैनिकों को वापिस बुला लिया है। ट्रंप ने सोमवार शाम को ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की है।
नेतन्याहू के साथ की फोन पर बात
उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री को उनके पॉपुलर निकनेम से संबंधित करते हुए कहा कि – आज मेरे बीबी नेतन्याहू से बात हुई हैं। मैंने उनसे लेबनान के बेरुत पर बड़ा हमला न करने की अपील की है। उन्होंने अपने सैनिकों को वापिस बुला लिया है। थैंक्यू बीबी। ऐसी खबरें थी कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत गरमागरम रही और अमेरिकी राष्ट्रपति ने नेतन्याहू से कहा कि यदि उन्होंने दखल न दिया होता तो वह जेल में होते।
नेतन्याहू को खुद लगी फटकार
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के लेबनान पर बढ़ते हमलों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को नेतन्याहू को कॉल कर फटकार लगाई है। ट्रंप ने नेतन्याहू को पागल तक कह दिया है। ट्रंप ने कहा कि – अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूं। अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस कारण से हर कोई इजराइल से नफरत करता हूं।
ईरान ने दी थी डील से पीछे हटने की धमकी
यह सब उस समय हुआ जब ईरान ने लेबनान पर इजरायल की बढ़ती कार्रवाई को लेकर अमेरिका के साथ शांति समझौते पर बातचीत को छोड़ने की धमकी दी थी। ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्त्रीम ने सोमवार को कहा कि तेहरान को बातचीत करने वाली टीम लेबनान पर हमलों की वजह से अमेरिका के साथ मीडिएटर के जरिए मैसेज को लेन-देन रोक रही है हालांकि ट्रंप ने बातचीत जारी रहने की बात कही है।
