बलूचिस्तानः पाकिस्तान में इस वक्त आंतरिक सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। देश के अंदर ही अलग-अलग मोर्चों पर विद्रोहियों ने पाकिस्तानी फौज की चूलें हिला रखी हैं। ऐसे में फौज भी खुद को साबित करने के लिए एक बार फिर से पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में बड़ी कार्रवाई करते 17 आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। दरअसल, पिछले सप्ताह बलूचिस्तान में एक शटल ट्रेन पर बम हमले के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 17 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया है। 24 मई को क्वेटा में हुए संदिग्ध आत्मघाती हमले में 16 लोग मारे गए थे, जिनमें 3 सुरक्षाकर्मी शामिल थे।
पाकिस्तान सेना के आईएसपीआर के अनुसार, घटना के बाद सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में खुफिया-आधारित अभियान चलाए। इन अभियानों में मस्तंग, नुश्की, ज़ेहरी, खुज़दार और केच में विद्रोहियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। फिटना-अल-हिंदोस्तान से जुड़े 17 आतंकवादी भारी गोलीबारी में मारे गए। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और तैयार आईईडी बरामद किए। सुरक्षाबलों के मुताबिक मारे गए विद्रोही पाकिस्तानी क्षेत्र में कई आतंकी वारदातों में शामिल थे। बचे हुए आतंकवादियों को खत्म करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी हैं।
किशोरों की सुरक्षा और मानसिक सेहत को लेकर बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच सोशल मीडिया दिग्गज मेटा ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और मैसेंजर पर किशोरों के लिए कंटेंट सेटिंग्स का दायरा वैश्विक स्तर पर बढ़ा दिया है। इस पहल की शुरुआत पिछले साल अक्तूबर में कुछ चुनिंदा देशों से हुई थी, जिसका मकसद बच्चों को अनुपयुक्त सामग्री से बचाना है। मेटा ने कहा है कि अब किशोरों के खातों (अकाउंट्स) के लिए 13+ कंटेंट सेटिंग्स को डिफॉल्ट रूप से लागू कर दिया गया है। इसके अलावा इस साल के अंत तक फेसबुक और मैसेंजर पर अधिक प्रतिबंधात्मक अनुभव देने वाली लिमिटेड कंटेंट सेटिंग भी पेश की जाएगी।
मेटा ने जानकारी दी कि वह इंस्टाग्राम पर एक नए फीचर का परीक्षण कर रहा है, जो किशोरों को एक ही तरह के कंटेंट को बार-बार देखने से रोकेगा और उनके फीड में विविधता लाएगा। मेटा ने कहा कि हम मानते हैं कि पोषण, वेटलिफ्टिंग या चिंता (एंग्जायटी) से निपटने से जुड़े पोस्ट मददगार हो सकते हैं, लेकिन इन्हें बार-बार दिखाने के बजाय अन्य प्रकार के कंटेंट के साथ संतुलित किया जाना चाहिए। यह कदम ऐसे समय में आया है, जब हाल में (25 मार्च को) लॉस एंजिल्स की एक जूरी ने मेटा और गूगल को युवाओं के लिए हानिकारक प्लेटफॉर्म डिजाइन करने का दोषी पाते हुए जुर्माना लगाया था। साथ ही मेटा ने अप्रैल में निवेशकों को चेतावनी दी थी कि युवाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनी और नियामक फैसलों से उनके बिजनेस और वित्तीय नतीजों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
