पलवलः आज के इस बदले मौसम ने दर्जनों स्थानों पर वृक्ष एवं खंबे क्षतिग्रस्त कर दिए। जबकि जल भराव की स्थिति तो जैसे पूरे शहर में ही दिखाई दी यही नहीं राष्ट्रीय राजमार्ग भी जल भराव से अछूता नहीं रहा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जल भराव इस कदर हुआ कि वाहनों की गति तो जैसे थम ही गई। बड़ी समस्या तो यह भी देखने को मिली की पलवल का एलिवेटेड पुल जिसके नीचे वाहन चालक अपने आप को सुरक्षित समझ यात्रा कर रहे थे उस पुल से भी पानी की बौछार झरने की तरह बहती दिखाई दी। जबकि इसकी मेंटेनेंस के नाम पर बड़े बिल तो बना दिए जाते हैं पर इसकी सही स्थिति ऐसे मौसम में ही दिखाई देती है।
साइड में लगे बरसात के पानी को नीचे लाने वाले पाइप भी क्षतिग्रस्त होना इसका मुख्य कारण हो सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की इस तरह की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। एलिवेटेड पुल के नीचे चलने वाले दो पहिया वाहन चालक सड़क पर भारी जल भराव से और पुल के ऊपर से गिरने वाले पानी के झरने से बेहद परेशान दिखे और प्रशासन को कोसते नजर आये। पलवल की न्यू कॉलोनी जो पोश कहलाई जाती है।
उसमें भी जल भराव की स्थिति विकट दिखाई दी। गलियां पूरी तरह से जलमग्न नजर आई। न्यू कॉलोनी में जगह-जगह वृक्ष भी टूटे नजर आए। यही नहीं सीवर भी बारिश के पानी में उफनते नजर आए। जिससे जल्द ही बारसाती पानी का निकलना भी संभव नहीं दिखाई दिया। हालांकि बदले मौसम को लेकर कुछ लोगों का तो यह कहना था कि उन्हें गर्मी से राहत मिली है। खुशगवार मौसम से उन्हें बेहद खुशी हुई है। वह खुश होकर यह भी कहते दिखाई दिए कि आज तो मौसम पहाड़ों जैसा ठंडा हुआ पड़ा है।
वही एक बुजुर्ग का कहना था की भरा पानी हमारे लिए मुसीबत बना हुआ है सरकार और प्रशासन को चाहिए कि इस पर ध्यान दें। जल भराव की स्थिति को लेकर डॉक्टर महावीर मलिक से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस जल भराव की स्थिति के जिम्मेदार केवल प्रशासन और सरकार को नहीं ठहराया जा सकता है बल्कि आम आदमी भी इसके लिए जिम्मेवार है। पॉलिथीन का अंधाधुंध प्रयोग जो बाद में नाली और नाली में जाकर जल की रुकावट का बड़ा कारण बनती है। यह भी बरसातों में जल भराव की स्थिति बना देता है। उन्होंने बताया आज की यह बारिश किसानों लिए लाभदायक रहेगी। दलहनी फसल बोने वालों के लिए किसानों के लिए इसका लाभ रहेगा।
