दुबईः वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) के तीसरे सीजन में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले से पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की अड़ंगेबाजी और अजीबोगरीब शर्तों के चलते पाकिस्तान चैम्पियंस ने टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। सूत्रों के अनुसार पीसीबी ने अपनी टीम को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के एवज में शर्त रखी थी कि भारतीय खिलाड़ी पिछले साल के विवाद पर लिखित माफी मांगें और मैच के दौरान हाथ मिलाएं। डब्ल्यूसीएल प्रबंधन द्वारा इन राजनीतिक और अनुचित शर्तों को सिरे से खारिज किए जाने के बाद पाकिस्तान ने मैदान छोड़ने का फैसला किया।
पाकिस्तान चैम्पियंस को टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अपने बोर्ड से एनओसी की दरकार थी। एनओसी न मिलने के चलते बांग्लादेश के खिलाफ उनका पहला मैच स्थगित करना पड़ा था। सूत्रों के मुताबिक पीसीबी ने एनओसी को एक विवादित समझौते से जोड़ दिया था। बोर्ड की मुख्य मांग थी कि पिछले साल मैच न खेलने को लेकर भारतीय खिलाड़ियों की ओर से औपचारिक लिखित माफीनामा आए और इस बार दोनों टीमों के खिलाड़ी अनिवार्य रूप से हाथ मिलाएं। डब्ल्यूसीएल आयोजकों ने स्पष्ट कर दिया कि वे व्यावसायिक और टूर्नामेंट संचालन से जुड़े नियमों पर तो बात कर सकते हैं, लेकिन भारतीय टीम पर माफी मांगने या हैंडशेक का दबाव कतई स्वीकार नहीं करेंगे।
इस पूरे विवाद की जड़ें पिछले साल से जुड़ी हैं, जब पहलगाम में कायराना आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय भावना का सम्मान करते ग्रुप स्टेज और बाद में सेमीफाइनल मैच का भी बहिष्कार किया था। भारत के न खेलने से पाकिस्तान को वॉकओवर मिला और वह सीधे फाइनल में पहुंच गया, जहां उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उस दौरान भी दोनों पक्षों के बीच हैंडशेक को लेकर विवाद गरमाया था, जिसकी टीस पीसीबी अब तक पाले बैठा है।
डब्ल्यूसीएल के तय कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्टूबर को भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाना था। पाकिस्तान के हटने के बाद अब यह मैच रद्द हो गया है। डब्ल्यूसीएल आयोजकों ने सोमवार को आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि पाकिस्तान चैम्पियंस अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण सीजन-3 का हिस्सा नहीं बन पाएगी और अब यह टूर्नामेंट शेष छह टीमों के साथ आगे बढ़ेगा। पाकिस्तान के इस फैसले से क्रिकेट फैंस में भारी निराशा है।
पाकिस्तान चैम्पियंस ने अपनी फजीहत से बचने के लिए जारी आधिकारिक बयान में पीसीबी की कथित माफी और हैंडशेक की शर्तों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। टीम प्रबंधन ने केवल इतना कहा कि बोर्ड की तरफ से जरूरी एनओसी जारी नहीं होने की वजह से वे टूर्नामेंट से बाहर हो रहे हैं। हैरानी की बात यह भी रही कि टीम की कप्तानी करने वाले पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी पहले मैच के समय यूएई पहुंचे ही नहीं थे। पिछले दोनों सीजनों में फाइनल तक का सफर तय करने वाली पाकिस्तानी टीम इस बार अपने ही बोर्ड की जिद्दी शर्तों और कूटनीतिक चालों के कारण मैदान पर उतरे बिना ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
