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PHC में SDM और प्रभारी तहसीलदार का औचक निरीक्षण, 5 कर्मचारी गैरहाजिर, देखें वीडियो

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उन्नावः पुरवा एसडीएम और प्रभारी तहसीलदार ने हिलौली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि मरीजों को एक्सपायरी दवाएं वितरित की जा रही थीं। वहीं औचरक निरीक्षण के दौरान 5 कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। उप जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और अनुपस्थित कर्मियों का वेतन रोकने की संस्तुति की है।

निरीक्षण के समय प्रभारी तहसीलदार भी मौजूद रहे। उप जिलाधिकारी ने बताया कि पीएचसी हिलौली में कुल 26 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें दो स्थायी और दो संविदा चिकित्सक शामिल हैं। जांच में स्वीपर संदीप, एआरओ अजीत कुमार, बेसिक हेल्थ वर्कर सुधांशु श्रीवास्तव, हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर संदीप और अपर डिवीजन क्लर्क गुलाब सिंह बिना अवकाश आवेदन के अनुपस्थित मिले। इन सभी का वेतन रोकने की संस्तुति की गई है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक वर्मा की मौजूदगी में दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया गया।

जांच में पाया गया कि कुछ चिकित्सक मरीजों को सरकारी अस्पताल के बजाय बाहर की दवाएं लिख रहे थे, जो नियमों का उल्लंघन है। सबसे गंभीर लापरवाही एक्सपायरी दवाओं का वितरण था। उप जिलाधिकारी ने इसे मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बताते हुए फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह यादव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की है। ओपीडी निरीक्षण के दौरान महिला चिकित्सक डॉ. साइन्दा जफर, जूनियर डॉक्टर डॉ. प्रतीक कुमार और सी.एल. वर्मा मरीजों का उपचार करते मिले। अधिकतर मरीज बुखार, डायरिया और प्लेटलेट्स की कमी जैसी समस्याओं से पीड़ित थे। उप जिलाधिकारी ने इसे क्षेत्र में संचारी रोग नियंत्रण अभियान के प्रभावी न होने का संकेत मानते हुए हिलौली क्षेत्र में पुनः विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता जताई।

निरीक्षण के दौरान दवा वितरण केंद्र के स्टॉक और वितरण रजिस्टर में भी अनियमितताएं पाई गईं, जिन्हें वित्तीय अनियमितता का संकेत माना जा रहा है। लेबर रूम में केवल स्टाफ नर्स निशा देवी तैनात मिलीं, जबकि वहां कोई स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ नियुक्त नहीं थी। वहीं लैब में केवल खून की जांच की सुविधा उपलब्ध मिली, जबकि अन्य आवश्यक जांचों की व्यवस्था नहीं थी। एसडीएम ने सभी कमियों की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

 

 

 

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