किसी की मां से नज़रें मिलाने की हिम्मत नहीं थी। बेटी जो मां का सहारा होती है, उसके साथ ऐसी अनहोनी का दुःख शब्दों में प्रकट नहीं हो सकता। पूरे गांव में मातम पसरा है। पूरा परिवार सदमे में है। घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोगों को घटना पर यकीन ही नहीं हो रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस घटना ने अपने पीछे बहुत से सवाल छोड़ दिए हैं।
पिता और परिजन इसे सामान्य घटना मानने से इनकार कर रहे हैं, क्योंकि राह चलते किसी की अचानक हत्या करने का कोई तुक नहीं बनता। घटना के चार दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने की स्थिति में नहीं है। सरकार से निवेदन है कि परिजनों की सभी शंकाओं का समाधान किया जाए। जांच में किसी भी स्तर पर कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। आज बिटिया हमारे साथ नहीं है। उसे न्याय दिलाना ही हमारा कर्तव्य है।
इस घटना में शामिल सभी अपराधियों को कठोर से कठोर दंड दिलवाना ही बिटिया को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। परिजनों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज पूरे क्षेत्र में गहरा शोक और आक्रोश का माहौल है।
इस मौके पर उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनिल शर्मा, विनोद कुमार, राकेश जमवाल, इंद्रजीत लखनपाल, इंद्र सिंह गांधी, त्रिलोक जामवाल, सरकाघाट विधायक दिलीप ठाकुर, मंडी जिला अध्यक्ष निहाल शर्मा, प्रियव्रत शर्मा, रजत ठाकुर समेत अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।
