पंचकूला: हरियाणा को नशा मुक्त बनाने की दिशा में सख्त कार्रवाई करते हुए पंचकूला पुलिस ने आज एक जरुरी कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज की निगरानी में लगभग रुपये 2,02,83,511 मूल्य के नशीले पदार्थों को विधिवत नष्ट किया गया है। ये सभी नशीले पदार्थ एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 2022 से 2024 के बीच दर्ज 75 अलग-अलग मामलों में जब्त किए गए थे।
इनका आज कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सुरक्षित तौर पर निपटारा किया गया है। नष्ट किए गए पदार्थों में 800 ग्राम हेरोइन, 10.3 किलोग्राम गांजा, 1.5 किलोग्राम चरस, 76.6 किलोग्राम चूरा पोस्त, 24.5 किलोग्राम अफीम के पौधे, 2.6 किलोग्राम अफीम तथा 1342 नशीली गोलियां और कैप्सूल शामिल हैं। इनका कुल मिलाकर अनुमानित बाजार मूल्य 2,02,83,511 आंका गया है।
यह पूरी प्रक्रिया सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए बागवाला स्थित हाईजीन फैक्ट्री में उच्च तापमान वाली विशेष भट्टी में किया गया है ताकि नशीले पदार्थों को दोबारा से नष्टकरण सुनिश्चित हो सके और इनके दोबारा उपयोग की कोई संभावना न रहे। इस दौरान डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता, डीसीपी स्टेट क्राइम रजनीश, एसीपी अजीत सिंह, एमएमजे ई/एएसआई टेकचंद, मौली चौकी सब-इंस्पेक्टर रामकरण सिंह सहित पुलिस के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और गांव के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे जिन्होंने पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर पारदर्शिता सुनिश्चित की। इस मौके पर पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है।
पंचकूला पुलिस भविष्य में भी ऐसी सख्ती और निरंतरता के साथ नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी नशा तस्करी, अवैध बिक्री या पेडलर नेटवर्क की जानकारी मिले तो तुरंत मानस हेल्पलाइन 1933 या ड्रग इंफो हेल्पलाइन नंबर 7087081100 और 7087081047 पर सूचना दें।
सूचना देने वाली की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है तो परिवार उसे छिपाने के बजाय आगे आकर मदद लें क्योंकि पंचकूला पुलिस नशा एवं हिंसा मुक्त मेरा गांव मेरी शान अभियान के अंतर्गत उपचार परामर्श और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। यह कार्रवाई न सिर्फ कानून के सख्त पालन का उदाहरण है बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी देती है।
