चमोलीः बदरीनाथ धाम में भगवान के चढ़ावे हेराफेरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने शुक्रवार को BKTC के पूर्व अधिकारी को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व टेंपल ऑफिसर (मंदिर अधिकारी) राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। दरअसल, 30 जून को सेवानिवृत्त हुए चौहान को एसआईटी ने करीब चार घंटे की लंबी पूछताछ के बाद हिरासत में लिया। उन्हें शुक्रवार, 18 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा। एसआईटी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों और पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि चढ़ावे और दान की गिनती में अनियमितताओं और चोरी के मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान गड़बड़ी के आरोप पहले सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इसके बाद ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने भी शिकायत दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। मामला तूल पकड़ने के बाद उत्तराखंड सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। राज्य सरकार ने पिछले सप्ताह गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया था। समिति ने जांच के बाद अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसमें चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया में कई सुधारात्मक सुझाव दिए गए। रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती के दौरान ड्रेस कोड लागू करने, गिनती केंद्र और अन्य स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने तथा श्रद्धालुओं की पारदर्शी भागीदारी सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई।
बता देंकि इस मामले में कार्रवाई की शुरुआत पहले ही हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर BKTC अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया था। बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 13 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। वहीं, चढ़ावे के रजिस्टर में ओवरराइटिंग मिलने के बाद मंदिर के कोषाध्यक्ष का भी तबादला कर दिया गया था। एसआईटी अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसी पुराने सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर रही है और डिलीट किए गए वीडियो को रिकवर करने का प्रयास भी किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
