चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर भारत के रेलवे इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत की। यह सिर्फ एक नई रेल सेवा का शुभारंभ नहीं है, बल्कि हरित परिवहन, स्वदेशी तकनीक, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में भारत की बड़ी उपलब्धि भी है।
हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ के साथ हरियाणा देश की हरित परिवहन क्रांति में सबसे आगे आ गया है। यह परियोजना न केवल अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने का उदाहरण है, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीकों को विकसित करने और उन्हें सफलतापूर्वक लागू करने की भारत की बढ़ती क्षमता को भी दिखाती है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलने वाली यह ट्रेन पारंपरिक डीजल से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में अधिक स्वच्छ, पर्यावरण के अनुकूल और कम कार्बन उत्सर्जन करने वाला विकल्प है। भारतीय रेलवे द्वारा हाइड्रोजन आधारित तकनीक को अपनाना केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘ग्रीन इंडिया’ और ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को भी और मजबूत करता है।
इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और आने वाले वर्षों में रेलवे क्षेत्र में हरित नवाचार के नए रास्ते खुलेंगे।
