नई दिल्लीः अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा को भी क्लीन चिट मिली है। मामले की जांच कर रही एसआईटी से अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपी थी, उसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दी गई है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम नहीं है हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT की जांच अभी चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी रिपोर्ट में कुल 8 लोगों के नाम शामिल हैं, जिनको पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दान चोरी मामले के उजागर होने के बाद से ही चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे। आरोपों के चलते ही दोनों ने ही ट्रस्ट में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। अब एसआईटी रिपोर्ट में दोनों को क्लीन चिट मिल गई है। यानी कि जांच एजेंसी ने साफ कर दिया है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा की चंदा चोरी मामले में कोई भूमिका नहीं है।
बता दें कि ये रिपोर्ट उस SIT की है, जिसका गठन यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किया था। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बनाई दूसरी SIR अब भी मामले की जांच कर रही है। योगी सरकार द्वारा गठित एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है।
एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, करुणेश पांडे और राम शंकर यादव उर्फ टीनू का नाम शामिल है।
