HomeGovernment NewsHimachal Govtसीबीएसई संबद्ध स्कूलों में 3468 अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया जारी: शिक्षा मंत्री

सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में 3468 अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया जारी: शिक्षा मंत्री

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

शिमला : शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी विद्यालयों के लिए 3,468 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। इनमें 19 श्रेणियों के 2,668 नियमित पदों का मामला हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर को भेजा जा चुका है, जबकि 800 अस्थायी अंग्रेजी एवं गणित अध्यापकों की नियुक्ति भी की जा रही है। संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत, ड्रॉइंग, विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, ललित कला तथा लोक प्रशासन विषयों के शिक्षकों की भर्ती भी शीघ्र पूरी की जाएगी। शिक्षा मंत्री बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न सुधारात्मक कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को सरकार की जनकल्याणकारी पहलों को निर्धारित समय सीमा में प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बने।

डॉ. वाई.एस. परमार डिजिटल विद्यार्थी योजना की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2022-23, 2023-24 तथा 2024-25 के दौरान 9,359 विद्यार्थियों को इस योजना के अंतर्गत टैबलेट प्रदान किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को शेष पात्र विद्यार्थियों को भी बिना विलंब प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालय सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) से जुड़ चुके हैं। पहली बार राज्य सरकार को 524 विद्यालयों में पुराने कंप्यूटरों के प्रतिस्थापन की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त 777 सरकारी विद्यालयों में बेहतर इंटरनेट एवं नेटवर्क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए बीएसएनएल के साथ नेटवर्किंग टेंडर अंतिम चरण में है, जिससे विद्यालयों में डिजिटल कनेक्टिविटी और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

सीबीएसई स्कूल पहल की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि 158 विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से 146 विद्यालयों को सीबीएसई की संबद्धता प्राप्त हो चुकी है। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अस्थायी आधार पर 400 अंग्रेजी तथा 400 गणित अध्यापकों की नियुक्ति की है, जिनमें से 292 अंग्रेजी और 284 गणित अध्यापक अपने-अपने विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। शिक्षा मंत्री ने एसएमसी अध्यापकों, कंप्यूटर अध्यापकों तथा एलडीआर मामलों सहित विभिन्न सेवा एवं भर्ती संबंधी विषयों की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रथम प्रयास में असफल एसएमसी अभ्यर्थियों को दूसरा अवसर प्रदान करने तथा लंबित सेवा मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शास्त्री पदों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर 191 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 870 शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीईटी) पदों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जिनमें से 355 पदों के लिए काउंसलिंग भी संपन्न हो गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा घोषित भर्ती प्रस्तावों तथा विधानसभा आश्वासनों की समीक्षा के दौरान शिक्षा मंत्री को अवगत करवाया कि शारीरिक शिक्षकों के 486 नए पद सृजित किए जा चुके हैं तथा 112 अतिरिक्त पदों को भरने की स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने मल्टी टास्क वर्कर भर्ती की भी समीक्षा की। स्वीकृत 8,000 पदों में से 6,703 पद भरे जा चुके हैं। उन्होंने शेष पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री पोषण योजना के सामाजिक अंकेक्षण की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य सामाजिक अंकेक्षण इकाई ने वर्ष 2025-26 के दौरान 503 विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण पूरा कर लिया है। उन्होंने सभी जिलों को शीघ्र कार्रवाई प्रतिवेदन (एटीआर) प्रस्तुत करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रोहित ठाकुर ने डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को इस योजना की प्रक्रियाओं को और सरल एवं विद्यार्थी हितैषी बनाने के निर्देश दिए।

आपदा प्रभावित विद्यालयों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 एवं 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्स्थापन के लिए लोक निर्माण विभाग तथा हिमुडा को 19 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। कुल 101 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जबकि 80 करोड़ रुपये की राशि अभी प्राप्त होनी शेष है। शिक्षा मंत्री ने आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर पुर्नस्थापन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने गैर-कार्यशील केंद्रीय विद्यालयों को शीघ्र संचालित करने, विद्यालयों के लिए समयबद्ध मौसम परामर्श प्रणाली विकसित करने तथा भारत सरकार के शिक्षक पुरस्कार-2026 के प्रति अधिकाधिक शिक्षकों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए, ताकि प्रदेश से अधिक संख्या में नामांकन सुनिश्चित हो सकें।

उन्होंने नए खोले गए शिक्षण और खेल विद्यालयों को शीघ्र शुरू करने तथा प्रस्तावित एआई विश्वविद्यालय की स्थापना, प्रवासियों के स्कूल नहीं जा रहे बच्चों की पहचान एवं उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की भी समीक्षा की। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर व्हाट्सएप एवं गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन निरीक्षण व्यवस्था अपनाने पर बल दिया, ताकि निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी बने, प्रशासनिक दक्षता बढ़े और अनावश्यक विलंब को कम किया जा सके। शिक्षा सचिव राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

- Advertisement - spot_img
- Advertisement - spot_img
- Advertisement - spot_img
- Advertisement -

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -