HomeGovernment NewsHimachal Govtभारी बारिश से निपटने के लिए लगभग 15,500 कर्मचारी एवं 1156 मशीनरी...

भारी बारिश से निपटने के लिए लगभग 15,500 कर्मचारी एवं 1156 मशीनरी तैनातः विक्रमादित्य सिंह

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

 शिमला : लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां मॉनसून सीजन के दौरान प्रदेश के समक्ष संभावित चुनौतियों तथा इनसे निपटने के लिए विभागीय तैयारियों सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर आयोजित लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पिछले तीन वर्षों में भारी बरसात के दौरान प्रदेश को हुई जान-माल की क्षति को ध्यान में रखते हुए और इन अनुभवों से सीख लेते हुए इस वर्ष मॉनसून से जुड़ी तैयारियों, सड़कों के रख-रखाव और अग्रिम निवारक उपायों पर ध्यान केन्द्रित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विक्रमादित्य सिंह ने विभागीय अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभाग में 11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी टास्क वर्कर कार्यरत हैं, जो प्रदेश भर में किसी भी स्थान पर सम्पर्क सुविधा बाधित होने पर हर परिस्थिति में उसे त्वरित बहाल करने में पूर्ण रूप से सक्षम हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेशभर में 1,156 विभागीय एवं निजी मशीनरी तैनात है, जो आवश्यकता पड़ने पर कहीं भी सड़क बहाली कार्य के लिए प्रतिदिन चौबीस घंटे उपलब्ध रहंेगी। इनमें जेसीबी, डोजर, रोबोट और टिप्पर आदि मशीनरी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए छः बेली ब्रिज भी उपलब्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण स्थलों पर आवश्यक मशीनरी, बेली ब्रिज एवं आवश्यक निर्माण सामग्री की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

लोक निर्माण मंत्री ने अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त निजी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम टेंडर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होने से पूर्व लोक निर्माण विभाग द्वारा भारी बारिश से होने वाले नुकसान की सम्भावनाओं को कम करने के उद्देश्य से 155.95 किलोमीटर सड़कों पर नई परत बिछाने, 924.94 किलोमीटर सड़कों पर पैच वर्क, 8,893.58 किलोमीटर सड़कों के ड्रेनेज चैनल की सफाई और 9,414 किलोमीटर लम्बी सड़कों के कलवर्ट की सफाई का कार्य सम्पन्न किया जा चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात के दौरान भी नियमित अंतराल में ड्रेनेज और कलवर्ट की सफाई की जाए ताकि इनके भरने से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण संस्थान जैसे अस्पताल, पुलिस स्टेशन, शिक्षण संस्थान, अग्निशमन केन्द्र, पंपिंग स्टेशन, विद्युत केन्द्र आदि संस्थानों के लिए निर्बाध सम्पर्क सुविधा सुनिश्चित करने पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पड़ने वाली संवेदनशील सड़कों एवं पुलों की सूची तैयार कर उनका आकलन करने तथा भू-स्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों की पहचान कर इनकी निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात के दौरान भू-स्खलन, बादल फटने एवं बाढ़ जैसी संभावित घटनाओं से होने वाले नुकसान को राजस्व अधिकारियों के साथ साझा किया जाए तथा उन्हें इस नुकसान से संबंधित फोटो एवं वीडियो भी प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों को मॉनसून के दौरान 24ग7 नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश भी दिए।

- Advertisement - spot_img
- Advertisement - spot_img
- Advertisement - spot_img
- Advertisement -

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -