जालंधर, ENS: अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी एफबीआई (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर और होशियारपुर में थाना टांडा के तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को एक अंतरराष्ट्रीय उगाही और धोखाधड़ी के मामले में संघीय अभियोग में नामजद किया है। वहीं इस मामले को लेकर जालंधर डीआईजी नवीन सिंगला की ओर से पत्र जारी करके एसएचओ के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। दरअसल, उन पर आरोप है कि उन्होंने एक अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर (करीब 3.3 करोड़ रुपये ) की वसूली के लिए हत्या के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। ऐसे में तथ्यों की पुष्टि होने तक, इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को तत्काल प्रभाव से थाना टांडा से पुलिस लाइन्स, होशियारपुर स्थानांतरित कर दिया गया है।

इसके अलावा, जालंधर डीआईजी नवीन सिंगला की ओर से जारी पत्र में औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं और यह जिम्मेदारी देहात पुलिस एक आईपीएस अधिकारी को सौंपी है। जांच अधिकारी को आरोपों और सभी संबंधित तथ्यों की जांच करने और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच के नतीजों के आधार पर, यदि आवश्यक हुआ, तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, लॉस एंजिल्स की संघीय अदालत में अनसील किए गए अभियोग के अनुसार, नागरा ने कथित तौर पर कुख्यात गैंगस्टर जग्गु भगवानपुरिया के अपराध सिंडिकेट के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया।
जांच में दावा किया गया है कि कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में बैठे सिंडिकेट सदस्य ने पीड़ित परिवार की जानकारी भारत भेजी, जिसके बाद उनके भारत में रहने वाले रिश्तेदारों को हत्या के झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी गईं। एफबीआई के अनुसार, अप्रैल 2026 में पीड़ित परिवार के मुखिया को सीधे संदेश दिया गया कि यदि 4 लाख डॉलर का भुगतान नहीं किया गया तो परिवार के तीन सदस्यों को हत्या के मामले में आरोपी बना दिया जाएगा। अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि यह अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट द्वारा भारत में बैठे कथित भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों का इस्तेमाल कर विदेशों में रहने वाले लोगों से करोड़ों रुपये की उगाही करने का सुनियोजित तरीका था। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और स्थानीय भ्रष्टाचार के खतरनाक गठजोड़ का उदाहरण बताया है। विभाग का कहना है कि ऐसे नेटवर्क कानून व्यवस्था का दुरुपयोग कर विदेशों में बसे लोगों को डराकर भारी रकम वसूलने की कोशिश करते हैं।

